Breaking News

‘तीसरे दर्जे का वकील’ कहने पर पत्रकार को एक महीने की जेल, सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दी राहत

जस्टिस हिमा कोहली ने कहा, ”अपने लेख की भाषा देखो।” सजा को ‘उदार’ बताते हुए सीजेआई ने कहा, ”यह पीत पत्रकारिता है। यह उदारता है कि केवल एक महीने की कैद दी गई है।”

@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (19 दिसंबर, 2021)

एक वकील को तीसरे दर्जे का बताना एक पत्रकार को भारी पड़ गया है और इस गलती के लिए उसे एक महीने जेल की सजा भुगतनी होगी। सुप्रीम कोर्ट ने मानहानि का दोषी पाए गए पत्रकार की याचिका को खारिज कर दिया है। उसे एक महीने की कैद की सजा सुनाई है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस सूर्य कांत ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाई और कहा, ”आपने किसी को ‘तीसरे दर्जे का वकील’ कहा। आप इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हो और दावा करते हो कि तुम पत्रकार हो।”

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) की अगुआई वाली बेंच में शामिल जस्टिस हिमा कोहली ने कहा, ”अपने लेख की भाषा देखो।” सजा को ‘उदार’ बताते हुए सीजेआई ने कहा, ”यह पीत पत्रकारिता है। यह उदारता है कि केवल एक महीने की कैद दी गई है।”

Check Also

जनगणना 2027: आम जनता से पूछे जाएंगे 33 सवाल, भारत सरकार ने जारी की विस्तृत सूची, तैयार हो जाईये यहाँ देखिए क्या क्या पूछा जायेगा आपसे?

🔊 Listen to this @शब्द दूत ब्यूरो (23 जनवरी 2026) नई दिल्ली। भारत सरकार ने …

googlesyndication.com/ I).push({ google_ad_client: "pub-