कोलार के साथ-साथ यूसुफ शरीफ का घर बेंगलुरु में भी है। दरवाजे पर ही रोल्स रॉयस कार खड़ी रहती है। घर के अंदर गोल्ड प्लेटिंग वाले फर्नीचर बेहद आकर्षक हैं। यूसुफ ने कहा, ‘मेरी पैदाइश केजीएफ में हुई है, यानी ऐसी मिट्टी में जहां सोना पाया जाता है यानी सोने वाली मिट्टी।
@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (28 नवंबर, 2021)
बेंगलुरु के शहरी इलाके से कांग्रेस ने विधान परिषद के लिए जिन्हें अपना उम्मीदवार बनाया है, उन्होंने स्कूली शिक्षा भी हासिल नहीं की है। लेकिन चुनाव आयोग को तकरीबन साढ़े 1700 करोड़ रुपये की संपत्ति का हलफनामा दिया है।
हलफनामे की जानकारी जैसे बाहर आई स्क्रैप डीलर यूसुफ शरीफ का नाम सभी की ज़ुबान पर चढ़ गया। ये 54 साल के यूसुफ शरीफ दिसंबर में होने वाले विधान परिषद के चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार हैं। यूसुफ शरीफ ने चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में 17 सौ 44 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है, जाहिर है अरबपति उम्मीदवार हैं लेकिन 1993 में बेंगलुरु के नजदीक कोलार में टैम्पो चलाते थे।
बता दें कि, कोलार के साथ-साथ यूसुफ शरीफ का घर बेंगलुरु में भी है। दरवाजे पर ही रोल्स रॉयस कार खड़ी रहती है। घर के अंदर गोल्ड प्लेटिंग वाले फर्नीचर बेहद आकर्षक हैं। यूसुफ ने कहा, ‘मेरी पैदाइश केजीएफ में हुई है, यानी ऐसी मिट्टी में जहां सोना पाया जाता है यानी सोने वाली मिट्टी। कोलार गोल्ड फील्ड यानी सोने की खान बेंगलुरु से तकरीबन 70 किलोमीटर दूर है। अब इलाके के रईस होने की वजह से उनका नाम भी अलग अंदाज में है।’ उन्होंने कहा, यहां मुझे सभी लोग केजीएफ बाबू कहते हैं यानी कोलार गोल्ड फील्ड बाबू।’
यूसुफ शरीफ का कहना है कि हम 14 भाई-बहन थे, इसलिए हमने बीच में ही स्कूल छोड़ दिया और टेंपो चलाने लगे, फिर स्क्रैप का बिजनेस किया उसके बाद रियल स्टेट का। यूसुफ ने कहा कि शुरुआत मैंने स्क्रैप्स से की, लेकिन पैसे रियल स्टेट से कमाए हैं। यानी स्क्रैप से लाखों कमाए हैं और रियल स्टेट से करोड़ों. उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश से जो जमीन बिक्री के लिए होती है, उन्हें खरीद लेता हूं और बेचता हूं।
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