यह दोनों गोलियां एंटी-वायरल हैं। यह वायरस के बढ़ने की क्षमता को कम करती हैं और रोग की गंभीरता को धीमा करती हैं। दोनों कंपनियों का कहना है कि क्लिनिकल परीक्षण से अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम में भारी कमी आई है।
@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (07 नवंबर, 2021)
क्या होगा अगर एक साधारण गोली कोरोना वायरस संक्रमण को ठीक करने में मदद कर सके? अमेरिकी फार्मा दिग्गज मर्क और फाइजर ने ओरल दवाओं के असर को लेकर उत्साहजनक नतीजों की घोषणा की है, जबकि एक अवसाद रोधी ने भी महामारी के खिलाफ लड़ाई में एक नया अध्याय शुरू करने का वादा करती हुई प्रतीत हो रही है।
जैसे ही कोविड-19 के शुरुआती लक्षण दिखाई देते हैं तब बीमारी की गंभीर हालत और अस्पताल में भर्ती होने से बचने के लिए यह ओरल रूप से ली जाने वाली गोलियां हैं। वैश्विक स्वास्थ्य संकट की शुरुआत के बाद से इसके उपचार के इस स्वरूप की मांग की जा रही थी। मर्क और फाइजर का कहना है कि वे महीनों के शोध के बाद लक्ष्य तक पहुंच चुके हैं।
अक्टूबर की शुरुआत में मर्क ने कहा कि वह अमेरिका में अपनी गोली मोलनुपिरवीर के लिए ऑथराइजेशन की मांग कर रहा है। इसके बाद अब फाइजर पैक्सलोविद के साथ सामने आ गया है।
ब्राजील के शोधकर्ताओं द्वारा लैंसेट ग्लोबल हेल्थ जर्नल में अक्टूबर में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार पहले से ही जनता के लिए उपलब्ध एंटी-डिप्रेसेंट फ़्लूवोक्सामाइन में भी कोविड-19 की गंभीर अवस्था को रोकने के उत्साहजनक परिणाम दिखे हैं।
यदि इन दवाओं के प्रभाव की पुष्टि हो जाती है तो यह कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ा कदम होगा। यह गोलियां वायरस के खिलाफ दुनिया के चिकित्सीय शस्त्रागार को मजबूत करने के लिए टीकों में शामिल होंगी।
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