@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (22 अक्टूबर, 2021)
सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलनकारी किसानों ने गाजियाबाद से गाजीपुर मंडी की ओर जाने वाली सड़क को खोलने की कवायद शुरू कर दी है। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने दिल्ली पुलिस की बैरिकेड से पहले लगे किसानों के टेंट को खुद हटाना शुरू किया। राकेश टिकैत का कहना है कि दिल्ली पुलिस अपने बैरिकेड और टेंट हटाएगी तो रास्ता साफ हो जाएगा। हमने अपनी तरफ की रुकावटें दूर कर दी हैं।
राकेश टिकैत ने नेशनल हाईवे-24 के दिल्ली-गाजीपुर मुर्गा मंडी की तरफ जाने वाली सर्विस लेन से रुकावटें हटवाते दिखे। बता दें कि बीते साल नवंबर से राकेश टिकैत के नेतृत्व में गाजीपुर बॉडर्र किसान आंदोलन का प्रमुख केंद्र रहा है. इस साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के दिन लालकिले पर किसानों के उत्पात मचाने के बाद ऐसी स्थिति बनी थी कि लगा गाजीपुर बॉर्डर सरकार खाली करवाएगी। हजारों की संख्या में पुलिस और केंद्रीय रिजर्व बलों की तैनाती हो गई थी। लेकिन राकेश टिकैत के आंसुओं ने हालात बदल दिए।
इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर हुई थी, जिस पर संज्ञान लेते हुए शीर्ष अदालत ने तल्ख टिप्पणी की। सुप्रीम कोर्ट की दो जजों वाली बेंच की अगुवाई करने वाले जस्टिस एसके कौल ने सुनवाई के दौरान अपनी टिप्पणी में कहा, ”शिकायत का समाधान न्यायिक रूप से, प्रदर्शन अथवा संसदीय बहस से किया जा सकता है। लेकिन राजमार्ग को हमेशा के लिए कैसे बंद किया जा सकता है? यह कहां खत्म होगा? यद्यपि किसानों को प्रदर्शन करने का अधिकार है लेकिन वे अनिश्चितकाल तक सड़क पर आवागमन रोक कर नहीं रख सकते।”
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