@शब्द दूत ब्यूरो (18 जुलाई, 2021)
पौड़ी गढ़वाल के ब्लॉक नैनीडांडा में एक रहस्यमयी गुफा स्थित है। स्थानीय निवासी इस गुफा को देवीढौर के नाम से जानते हैं। गुफा के भीतर एक प्राकृतिक हाल (कमरा) जितनी जगह जिसमें 30-40 लोग आसानी से समा सकते हैं।
नैनीडान्डा प्रखंड के ग्राम पोखार और ग्राम ढंगल गांव के घने जंगल के बीच स्थित इस गुफा में प्राचीन शिवलिंग के अलावा एक जल कुंड भी है। ऐसा माना जाता है कि इस देवीढौर गुफा की रक्षा मणियुक्त सांप किया करते हैं। गुफा की प्राचीनता को देखते हुए ऐसा प्रतीत होता है कि वर्षों पूर्व यहां के स्थानीय लोग इस गुफा में भगवान शिव की पूजा किया करते रहे होंगे।
आमतौर पर ग्राम पोखार के लोग ही गुफा के आसपास की साफ सफाई, मरम्मत आदि का काम करते हैं। लेकिन धनाभाव और समुचित देखरेख न हो पाने के कारण गुफा की ज्यादा देखरेख नहीं हो पाती।
गुफा तक पहुंचने के लिए धुमाकोट बाजार से खाळयूंडांडा तक पहुंचा जा सकता है।खाळयूंडांडा बाजार से पैदल तीन किलोमीटर की दूरी तय करके इस प्राचीन शिवलिंग गुफा के दर्शन किए जा सकते हैं। स्थानीय लोग शिवरात्रि पर्व या अन्य शुभ अवसरों पर यहां भंडारे इत्यादि का आयोजन भी करते हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर यहां तक पहुंचने के लिए सड़क की सुविधा के साथ -साथ गुफा के आसपास सौंदर्यीकरण कर दिया जाए तो श्रद्धालुओं के अतिरिक्त पर्यटक भी यहां आसानी से आ सकेंगे।
स्थानीय चौख्यत विकास समिति के आरपी ध्यानी ने कहा कि समिति देवीढौर गुफा के सौंदर्यीकरण और यहां तक सड़क मार्ग बनाने के लिए समुचित प्रयास करेगी। इस संबंध में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अलावा क्षेत्र के प्रबुद्ध और संपन्न लीगों की मदद ली जाएगी।
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