@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (10 जुलाई, 2021)
जीका वायरस संक्रमण एक मच्छर जनित वायरल संक्रमण है। यह मच्छरों की एडीज प्रजाति द्वारा फैलता है, आमतौर पर एडीज एजिप्टी और एडीज एल्बोपिक्टस इसके लिए जिम्मेदार होते हैं। एडीज मच्छर डेंगू और चिकनगुनिया के वायरस भी फैलाते हैं। जीका वायरस से संक्रमित व्यक्ति के खून को खाने से मच्छर संक्रमित हो जाता है। मच्छर तब अपने काटने से दूसरे लोगों में वायरस फैलाने में सक्षम होता है।
जीका वायरस संक्रमित महिलाओं से पैदा हुए बच्चों में माइक्रोसेफली पैदा कर सकता है। माइक्रोसेफली एक दुर्लभ जन्म दोष है जिसमें बच्चे का सिर अपेक्षा से छोटा होता है, जो मस्तिष्क के विकास की समस्याओं से संबंधित हो सकता है। अन्य संभावित नकारात्मक गर्भावस्था परिणामों में नवजात शिशु में सुनने की समस्याएं और बिगड़ा हुआ विकास शामिल हैं।
ये मच्छर आमतौर पर दिन में काटते हैं। एक बार जब कोई व्यक्ति मच्छर के काटने से संक्रमित हो जाता है, तो जीका वायरस कुछ दिनों के लिए या कुछ लोगों में लंबे समय तक उनके रक्त में पाया जा सकता है। जब कोई दूसरा मच्छर संक्रमित व्यक्ति को काटता है तो यह वायरस दूसरे लोगों में फैल सकता है। जीका वायरस अन्य माध्यमों से फैल सकता है, जैसे किसी संक्रमित व्यक्ति के साथ यौन संपर्क, या दूषित रक्त स्रोतों से।
जहां जीका वायरस फैल रहा है अगर उस क्षेत्र से लौटने के बाद आप खुद में लक्षण जैसे- बुखार, सिरदर्द, लाल आंखें, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, शारीरिक कमजोरी इत्यादि देखते हैं, तो चिकित्सा सहायता लेना महत्वपूर्ण है। जीका वायरस संक्रमण के विशिष्ट लक्षण कई अन्य कारणों से भी हो सकते हैं, जीका वायरस संक्रमण को अन्य स्थितियों जैसे डेंगू, पीला बुखार, चिकनगुनिया, या अन्य संक्रमण का कारण बनते हैं। आपका डॉक्टर आपके लक्षणों और स्थानों और यात्रा की तारीखों के आधार पर जीका वायरस संक्रमण का प्रारंभिक निदान कर सकता है।
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