@शब्द दूत ब्यूरो(5 जुलाई 2021)
गाजियाबाद । मुसलमानों को देश से बाहर जाओ कहने वाला हिंदू हो ही नहीं सकता। आर एस एस के प्रमुख मोहन भागवत ने बीते रोज यहाँ मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के एक कार्यक्रम में पुस्तक के विमोचन के दौरान संबोधित कर रहे थे।
आर एस एस के मुखिया ने कहा कि गाय एक पवित्र जानवर है, लेकिन जो लोग दूसरों को मार रहे हैं वे हिंदुत्व के खिलाफ जा रहे हैं। कानून को बिना किसी पक्षपात के उनके खिलाफ अपना काम करना चाहिए। डॉ. ख्वाजा अहमद ने ‘द मीटिंग्स ऑफ माइंड्स’ नाम से किताब लिखी है। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के इस कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण लोग शामिल हुए।
मोहन भागवत ने कहा कि देश में रहने वाले सभी नागरिकों (भारतीयों) का डीएनए एक है, चाहे वे किसी भी धर्म के हों। लिंचिंग पर मोहन भागवत ने कहा कि इसमें शामिल लोग हिंदुत्व के खिलाफ हैं और लोकतंत्र में हिंदुओं या मुसलमानों का प्रभुत्व नहीं हो सकता है।
संघ प्रमुख भागवत ने कार्यक्रम में आगे कहा, ”हिंदू-मुस्लिम एकता भ्रामक है, क्योंकि वे अलग नहीं, बल्कि एक हैं। पूजा करने के तरीके को लेकर लोगों के बीच अंतर नहीं किया जा सकता। कुछ काम ऐसे हैं जो राजनीति नहीं कर सकती। राजनीति लोगों को एकजुट नहीं कर सकती। राजनीति लोगों को एकजुट करने का हथियार नहीं बन सकती है।
मोहन भागवत ने कहा कि यह साबित हो चुका है कि हम पिछले 40,000 सालों से एक ही पूर्वजों के वंशज हैं। भारत के लोगों का डीएनए एक जैसा है। हिंदू और मुसलमान दो समूह नहीं हैं, एकजुट होने के लिए कुछ भी नहीं है, वे पहले से ही एक साथ हैं।
मोहन भागवत ने कहा कि हम लोकतंत्र में रहते हैं। यहां हिंदुओं या मुसलमानों का प्रभुत्व नहीं हो सकता है। सिर्फ भारतीयों का ही प्रभुत्व हो सकता है। देश में एकता के बिना विकास संभव नहीं है।


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