Breaking News

नेशनल डॉक्टर्स डे: कोरोना की पहली लहर में मारे गए डॉक्टरों के 25% परिवारों को ही मिला 50 लाख के बीमा का लाभ

@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (01 जुलाई, 2021)

आज देश में भले ही नेशनल डॉक्टर्स डे मनाया जा रहा हो, लेकिन कोरोना से करोड़ों लोगों को जान बचाने वाले डॉक्टर ही असुरक्षा के माहौल में काम कर रहे हैं। देश में महामारी की दोनों लहरों में 1550 डॉक्टरों की कोरोना से मौत हो चुकी है, लेकिन इनमें से ज्यादातर के परिवारों को 50 लाख रुपये के बीमा का लाभ नहीं मिल पाया है।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के अध्यक्ष डॉ. जेए जयालाल ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में जान गंवाने वाले एक भी डॉक्टर के परिजनों को अब तक बीमा योजना के तहत 50 लाख रुपये का मुआवजा नहीं मिला है। जबकि एक साल पहले कोरोना की पहली लहर में मृत डॉक्टरों में महज 25 फीसदी के परिवारों को यह राशि मिल पाई है।

हकीकत यह भी है कि सरकार ने बीमा योजना में जो सेवा शर्तें रखी हैं, उनसे ज्यादातर मुआवजा पाने की दावेदारी से ही बाहर हो गए हैं। डॉ. जयालाल का कहना है कि शर्तों के मुताबिक, डॉक्टर की मौत कोविड के लिए मान्यता प्राप्त सरकारी केंद्र में काम करते हुई होनी चाहिए। होम आइसोलेशन, कोविड के निजी संस्थानों या अन्य  केंद्रों पर काम करते वक्त जान गंवाने वाले डॉक्टर इस दायरे में नहीं आते। कागजी दस्तावेजों के कारण भी मुआवजे के लिए पीड़ित परिवार भटक रहे हैं।

ऐसे डॉक्टरों की मौत पर सारे रिकॉर्ड अस्पताल और संबद्ध डॉक्टर के परिवार के जरिये जिला प्रशासन को, वहां से राज्य सरकार को, वहां से केंद्र को भेजे जाते हैं। अगर जरा सी हस्ताक्षर की भी गड़बड़ी हो गई तो आवेदन खारिज हो गया। आईएमए अपनी ओर से दस लाख रुपये की मदद दे रही है।

Website Design By Mytesta +91 8809666000

Check Also

जनगणना 2027: आम जनता से पूछे जाएंगे 33 सवाल, भारत सरकार ने जारी की विस्तृत सूची, तैयार हो जाईये यहाँ देखिए क्या क्या पूछा जायेगा आपसे?

🔊 Listen to this @शब्द दूत ब्यूरो (23 जनवरी 2026) नई दिल्ली। भारत सरकार ने …

googlesyndication.com/ I).push({ google_ad_client: "pub-