@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो
कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अध्यक्षता वाली सूचना और प्रौद्योगिकी से जुड़े मामलों पर संसदीय स्थायी समिति फेसबुक के अधिकारियों को नागरिकों के अधिकारों को बनाए रखने और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग को रोकने के लिए कंपनी की नीतियों की जांच करते समय व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश देगी। यह जानकारी सूत्रों ने दी है। इससे पहले संसदीय समिति ने ट्विटर इंडिया से कहा था कि उसे भारतीय आईटी कानूनों और नियमों का पालन गंभीरता से करना होगा।
नब्बे मिनट से अधिक समय तक चली पूछताछ के दौरान समिति ने ट्विटर के अधिकारियों से सोशल मीडिया बिचौलियों के लिए नये नियमों को पूरी तरह से लागू करने समते कई मुद्दों पर सवाल पूछे। समिति अब इसी तरह की इन-पर्सन मीटिंग के लिए गूगल, यूट्यूब और अन्य बड़ी कंपनियों को भी बुलाएगी।
सूत्रों के मुताबिक फेसबुक के प्रतिनिधि कंपनी की कोविड-विरोधी नीति का हवाला देते हुए व्यक्तिगत रूप से पेश होने को तैयार नहीं थे। हालांकि, शक्तिशाली पैनल के अध्यक्ष शशि थरूर ने अब इस पर जोर दिया है क्योंकि संसदीय नियम आभासी बैठकों पर रोक लगाते हैं।
थरूर ने कहा है कि यदि आवश्यक हो तो संसद सचिवालय उन्हें टीकाकरण की व्यवस्था कर सकता है। सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के कई सांसदों वाले पैनल ने ट्विटर से भारत में भारत के कानूनों का पालन करने के लिए कहा। पैनल ने पूछा कि फेसबुक ने नए आईटी नियमों के अनुसार भारत में पूर्णकालिक मुख्य अनुपालन अधिकारी की नियुक्ति क्यों नहीं की?

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