@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो
मीडिया रिपोर्टों में छह से अधिक राज्यों में मृत्यु के आंकड़ों में भारी विसंगति की ओर इशारा करने के बाद केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामे में कहा है कि सभी कोरोना वायरस मौतों को कोविड की मौतों के रूप में दर्ज किया जाना चाहिए। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में इस नियम का पालन नहीं करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई का भी वादा किया।
अब तक, केवल अस्पतालों में हुई कोविड रोगियों की मृत्यु को कोविड से हुई मौत माना जाता था। यहां तक कि घर पर आइसोलेशन में या अस्पताल की पार्किंग अथवा गेट पर होने वाली मौतों को कोविड से मौत नहीं गिना जाता था। इस वजह से लाखों में हुई मृत्यु के आंकड़ों में विसंगतियां थीं।
केंद्र ने एक हलफनामे में यह भी कहा कि कोविड की वजह से हुई मौतों के लिए चार लाख का मुआवजा नहीं दिया जा सकता है क्योंकि यह उन राज्यों पर एक असहनीय वित्तीय बोझ डालेगा जो पहले से ही लॉकडाउन के मद्देनजर कम कर संग्रह और लॉकडाउन के कारण सुस्त अर्थव्यव्सथा में नकदी के संकट से जूझ रहे हैं।

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