@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो
कोविड इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को नष्ट करता है।
अब तक आप ये सुन-समझ रहे थे की डायबिटीज़ के कारण कोविड का संक्रमण और घातक रूप लेता है, अब एक्स्पर्ट्स बता रहे हैं की कोविड के कारण भी डायबिटीज़ की समस्या पैदा हो रही है। बताया जा रहा है की क़रीब 15% कोविड मरीज़ ऐसे हैं जिन्हें कोरोना संक्रमण से पहले डायबिटीज नहीं था, लेकिन संक्रमण के बाद उन्हें डायबिटीज हुआ।
कोविड इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को नष्ट करता है। बताया जा रहा है कि कोविड के इलाज के लिए इस्तेमाल हुआ स्टेरॉइड भी शुगर लेवल बढ़ा रहा है। एक्स्पर्ट्स बताते हैं की कोरोना वायरस पैंक्रियाज यानी अग्नाशय पर हमला करता है। उसके अंदर इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को नष्ट कर देता है। इससे इंसान को डायबिटीज होने की आशंका बढ़ जाती है।
डॉ सुधीन्द्र कुलकर्णी सलाहकार, डायबिटीज और एंडोक्रिनोलॉजी कहते हैं कि ‘’अभी डेटा का अनालिसिस हो रहा है लेकिन ये जरूर है की डायबटीज के काफी नए मरीज पाए जा रहे हैं। इसके कई कारण हैं. एक तो है को कोविड का वायरस बीटा सेल्ज़ यानी जहां से इंसुलिन प्रोड्यूस होता है और शुगर कंट्रोल करने के लिए महत्वपूर्ण है उसको अफ़ेक्ट कर रहा है, या ये वैसे मरीज़ थे जिनको पहले से डायबटीज़ था और उनको जानकारी नहीं थी।”
डॉ सुहास देसाई, लायंस क्लब हॉस्पिटल के अनुसार ‘कोविड 19 के इलाज में स्टेरॉइड जो इस्तेमाल होते हैं उससे भी शुगर लेवल बढ़ता है। इलाज के दौरान काफी युवा मरीज़ों में कोविड के बाद हाई लेवल शुगर दिख रहा है। ये मरीज़ प्री डाइअबेटिक फ़ेज़ में हैं, फ़ैमिली हिस्ट्री है, मोटापा है, और स्टेरॉइड एक फ़ैक्टर ही लेकिन कई केसेज़ में बिना स्टेरॉइड के इस्तेमाल के हो रहे हैं कोविड मरीज़।”
युवा मरीज़ों में डायबिटीज़ की समस्या रिवर्स हो सकती है यानी ठीक होने की उम्मीद ज़्यादा है, बशर्ते शुगर की जांच समय समय पर होती रहे।:



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