@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो
हजारों लोगों की जानों की रक्षा करने वाला एक बहादुर चूहा सेवानिवृत्त हो गया। आप सोच रहे होंगे कि कैसे एक चूहा इंसानों की रक्षा कर सकता है। तो बता दें कि कंबोडिया में बीते पांच साल में मगावा नामक इस चूहे ने करीब 99 बारूदी सुरंगों का पता लगाया, जिससे हजारों लोगों की जानें बच सकीं।
अफ्रीकी नस्ल के इस चूहे की बहादुरी के सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चे हो रहे हैं। इस चूहे के सूंघने की क्षमता इतनी बेहतर है कि बारूदी सुरंगों का पता लगाने में इस्तेमाल होने वाली महंगी मशीनों को भी मात दे देती है। इसी खासियत के चलते इसे दल में शामिल किया गया था और अब तक इसने एक सैकडों बारूदी सुरंगों का पता लगाया है।
यह चूहा सात साल का है और इस चूहे को विशेष रूप से कंबोडिया में बारूदी सुरंगों का पता लगाने के लिए प्रशिक्षित किया गया था। उसने सफलतापूर्वक अपने काम को अंजाम दिया और बारूदी सुरंगों के साथ कई जिंदा विस्फोटकों का भी पता लगाया। मगावा को एपीओपीओ नामक संगठन ने ट्रेंड किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, यह संगठन चूहों को बारूदी सुरंगों और छिपे हुए बमों का पता लगाने के लिए प्रशिक्षित है। मगावा पूरी तरह स्वास्थ्य है, लेकिन नियमानुसार सेवानिवृत्त हो गया है।
मगावा को ब्रिटेन की एक चैरिटी संस्था पीडीएसए द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। ब्रिटिश संस्था हर साल अच्छा काम करने वाले जानवरों को सम्मानित करती है। पहली बार इस संस्था ने एक चूहे को सम्मानित किया था। मगावा के प्रशिक्षक की मानें तो इस चूहे का प्रदर्शन बेहतरीन रहा, उसने दिए गए हर टास्क को सफलतापूर्वक पूरा किया।

Shabddoot – शब्द दूत Online News Portal