@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो
मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना सेंट्रल विस्टा का काम रोकने की कोशिशों को झटका लगा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि सेंट्रल विस्टा जरूरी है और इसका काम जारी रहेगा। परियोजना के खिलाफ दाखिल याचिका खारिज कर दी गई है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर एक लाख का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने जुर्माना लगाते हुए कहा कि यह याचिका ‘किसी मंशा से प्रेरित लगती है, न कि किसी सच्चे कारण से।’
हाईकोर्ट ने कहा कि निर्माण स्थल पर मजदूर रह रहे हैं, ऐसे में कोरोना वायरस महामारी के दौरान काम रोकने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है। कोर्ट ने कहा कि शपूरजी पल्लोनजी ग्रुप को दिए गए कॉन्ट्रैक्ट के हिसाब से काम नवंबर तक पूरा होना है, ऐसे में इसे जारी रखना चाहिए।

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