कोविड-19 की दूसरी लहर से जूझ रहे कर्नाटक में एक बार फिर ऐसी अटकले तेज हो गई कि मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा को बदलने के लिए सत्तारूढ़ भाजपा के भीतर कुछ कदम उठाये जा रहे है। कुछ मंत्रियों और विधायकों ने पहली बार इस तरह के कदमों को खुले तौर पर स्वीकार किया, ताकि कर्नाटक भाजपा के मजबूत नेता को हटाने को लेकर दबाव बनाया जा सके। हालांकि मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले कई विधायकों ने इस तरह के बदलाव की आवश्यकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि 78 वर्षीय दिग्गज नेता अपना कार्यकाल पूरा करेंगे और दो साल बाद अगले चुनावों के दौरान पार्टी का नेतृत्व भी करेंगे।
राजस्व मंत्री आर अशोक ने कहा, ‘‘मुझे दिल्ली में कई (विधायकों) के डेरा डालने की जानकारी मिली है, मुझे आज भी कई जगहों पर होने वाली बैठकों के बारे में पता चला है। मैंने मीडिया में देखा है कि कई मंत्री भी इसका हिस्सा हैं। यह सच है कि इस तरह की चर्चा हो रही है।”
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे कुछ विधायकों के दिल्ली जाने के बारे में पता चला है, यह सौ प्रतिशत सच है कि ऐसा घटनाक्रम हो रहा है। जबकि कुछ लोग प्रत्यक्ष रूप से शामिल हैं तो कुछ परोक्ष रूप से शामिल हैं। मैं मीडिया में उनके बयान देख रहा हूं। लेकिन मेरी प्राथमिकता कोरोना से पीड़ित लोगों के साथ खड़ा होना है।”
हालांकि, उपमुख्यमंत्री सीएन अश्वथ नारायण, गृह मंत्री बसवराज एस बोम्मई, आवास मंत्री वी सोमन्ना, उद्योग मंत्री जगदीश शेट्टार ने कहा कि वे इस तरह के किसी भी घटनाक्रम से अनजान हैं और उन्होंने नेतृत्व परिवर्तन से इनकार किया। अश्वथ नारायण ने नेतृत्व परिवर्तन की बात को ‘सच्चाई से परे’ बताते हुए कहा कि येदियुरप्पा उनके मुख्यमंत्री और नेता हैं।

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