Breaking News

मुंबई के डब्बावालों पर पड़ी कोरोना और लॉकडाउन की मार, छोटे-मोटे काम कर घर चलाने को मजबूर

@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो

मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में लॉकडाउन लगे एक माह से ज्यादा का वक्त हो चुका है। चैबीस घंटे सरपट दौड़ती रहने वाली मुंबई में भी आर्थिक गतिविधियां ठप हैं और इसकी मार मुंबई के डब्बावाला पर भी पड़ी है। जो डब्बेवाले पूरे शहर का पेट भरते थे,आज उन्हें खुद अपना पेट भरने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कोरोना के चलते डब्बेवाले कई तरह के काम करने को मजबूर हैं। जिन साइकिलों के ज़रिये डब्बेवाले पूरे मुम्बई में डब्बे पहुंचाने का काम करते थे, फिलहाल वो साइकिलें कोरोना के चलते धूल फांक रही हैं।

मुंबई में डब्बेवाले करीब 130 सालों से काम कर रहे हैं और दफ्तरों में डिब्बे पहुंचाने के इनके काम को कई जगह पहचान भी मिली है। लेकिन अब धीरे धीरे हालात खराब हो रहे हैं। मुंबई में करीब 5000 डब्बेवाले मौजूद हैं। लॉकडाउन के वजह से केवल 350 से 400 लोगों के पास ही काम मौजूद है। अभी केवल पांच फीसदी काम ही बचा हुआ है। मुंबई टिफ़िन सर्विस एसोसिएशन के प्रवक्ता विष्णु कलडोके ने कहा कि डब्बेवालों को बहुत परेशानी हुई है, काम बचा नहीं है, लोग दूसरा काम ढूंढ रहे हैं। सरकार को हमारी मदद करनी चाहिए।

Website Design By Mytesta +91 8809666000

Check Also

महिला दिवस पर काशीपुर में “अधिवक्ता संवाद” का आयोजन, महिला सशक्तिकरण में न्यायालय और अधिवक्ताओं की भूमिका पर चर्चा

🔊 Listen to this @शब्द दूत ब्यूरो (09 मार्च 2026) काशीपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के …

googlesyndication.com/ I).push({ google_ad_client: "pub-