@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो
कोरोना महामारी को हराने के लिए भले ही देश भर में वैज्ञानिक और डॉक्टर पूरी ताकत झोंक रहे हों, लेकिन अभी भी इसको लेकर अंधविश्वास हावी है। बुंदेलखंड के पिछड़े जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लोग महामारी को देवी प्रकोप मानकर अंधविश्वास को बढावा दे रहे हैं।
बुंदेलखंड के निवाड़ी जिले में सैकड़ों की संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे टोलियां बनाकर हाथों में जल से भरे लोटा लेकर प्रसिद्ध देवी क्षेत्र अछरूमाता मंदिर पहुंचे। पुलिस कह रही है कि मामले की जांच कर लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां उड़ीं और सोशल डिस्टेंसिंग का कोई पालन नहीं दिखा। कोरोना गाइडलाइन के कारण मंदिर बंद था, लिहाजा ग्रामीण मंदिर के बाहर ही मुख्य द्वारा जल चढ़ाने लगे।
कोरोना महामारी से बचाने की प्रार्थना देवी मां से की गई। इस मामले में पुलिस केस दर्ज कर कार्रवाई करने की बात कर रही है। दरअसल निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर के आसपास के गांव के सैकड़ों की सख्या में लोग एकत्रित होकर टोलियां बनाकर इस क्षेत्र के धार्मिक स्थल अछरूमाता मंदिर के लिये टोलियां बनाकर निकले। इनमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल थे। इन्हें पुलिस प्रशासन के लोगों ने पृथ्वीपुर कस्बे के रास्ते में रोकने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीणों ने एक नही सुनी और वे मंदिर पहुंच गए।
प्रशासन के लोगों ने मंदिर के बाहर भी इस भीड़ को रोकने के भरसक प्रयास किए लेकिन लोगों ने एक नही सुनी। इस पूरे मामले में एसपी निवाड़ी आलोक कुमार सिंह का कहना है कि का कहना है कि बड़ी संख्या में ग्रामीण लोगों ने गांव के किसी एक व्यक्ति के कहने पर धारा 144 का उल्लंघन किया और सैकड़ों की संख्या में भीड़ को लेकर अछरू माता मंदिर पहुंचे। इसके खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस विवेचना कर रही है।

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