@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो
रिजर्व बैंक की गाइडलाइन है कि कोई भी बैंक कटे-फटे नोट बदलने से मना नही कर सकता। किसी भी नजदीकी ब्रांच से ऐसे नोट बदले जा सकते हैं। इसके लिए जरूरी नहीं कि आपका उस बैंक में खाता हो।
कोई भी बैंक हो, कटे-फटे नोट मिलना आम बात है। कभी-कभी नकली नोट मिलने की शिकायत आती है। बैंकों ने इसके लिए नियम बनाए हैं जिससे कि ग्राहकों को दिक्कत न हो। स्टेट बैंक के अनुसार, करेंसी नोट को एटीएम में डालने से पहले हाईटेक मशीन से छांटा जाता है। इसलिए एटीएम से कटे-फटे नोट निकलना ‘असंभव’ है। अगर ऐसा होता है तो स्टेट बैंक के किसी ब्रांच से उसे बदलवा सकते हैं।
स्टेट बैंक नोटों को एटीएम में डालने से पहले जिस मशीन से छंटाई होती है उसे सीडीएम मशीन और नोट सेंडिंग मशीन कहते हैं। इन मशीनों के जरिये कटे-फटे और नकली नोट बाहर हो जाते हैं। इतना कुछ होने के बाद भी कटे-फटे नोटों को लेकर अक्सर शिकायतें मिलती रहती हैं। बैंक का इस बारे में कहना होता है कि जिन एजेंसियों को एटीएम में नोट डालने की जिम्मेदारी होती है, उनसे ऐसी गलतियां होती हैं। एसबीआई भी अपने एटीएम को लेकर ऐसे दावे करता है। लेकिन शिकायत बीच-बीच में आ ही जाती है।
नोट सेंडिंग मशीन से नोटों की बारीक जांच होती है। इस मशीन में नोटों बंडल डाला जाता है जिसमें से सेंडिंग मशीन गलत नोटों को छांट कर बाहर निकाल देती है। नकली नोट भी इस मशीन के जरिये छांट दिए जाते हैं। इस तरह की मशीन कैश डिपॉजिट मशीन में भी लगी होती है। अगर आपने मशीन से कैश जमा किया हो तो ऐसा देखा होगा। नोट जमा करने के दौरान मशीन कुछ नोटों को रिजेक्ट कर देती है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं हुआ कि नोट नकली है या जरूरी नहीं कि वो कटा-फटा हो। अक्सर ऐसा भी होता है कि कोई नोट कहीं से मुड़ा हो तो मशीन उसे स्वीकार नहीं करती। फिर दुबारा प्रयास करें तो मशीन में नोट जमा भी हो जाता है।
एसबीआई के अनुसार अगर एटीएम से गलत नोट निकल जाए तो क्या करना चाहिए। रिजर्व बैंक की गाइडलाइन है कि कोई भी बैंक कटे-फटे नोट बदलने से मना नही कर सकता। किसी भी नजदीकी ब्रांच से ऐसे नोट बदले जा सकते हैं। इसके लिए जरूरी नहीं कि आपका उस बैंक में खाता हो। दूसरा विकल्प यह है कि फटा नोट आप चाहें तो अपने या किसी दूसरे के खाते में जमा भी कर सकते हैं। आरबीआई के निर्देश के मुताबिक, कोई बैंक इससे मना नहीं कर सकता। बैंक सिर्फ उस नोट को नहीं लेगा जिसका नंबर पता नहीं चलता हो। फटने, जलने या कटने से नोट का नंबर गायब हो जाता है तो बैंक उसे लेने से मना कर सकता है।
कभी-कभी ऐसा भी होता है कि एटीएम से पैसे नहीं निकलते लेकिन अकाउंट से पैसा डेबिट हो जाता है। पैसा कटने का मैसेज फोन पर आ जाता है, लेकिन एटीएम से पैसा नहीं निकलता। ऐसी स्थिति में तुरंत बैंक से शिकायत करनी चाहिए।

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