@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो
देश में कोरोना वैक्सीन की कमी के बीच सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा है कि हमने भारत में ‘लोगों की कीमत’ पर कभी वैक्सीन का निर्यात नहीं किया। उन्होंने कहा कि एक और महत्वपूर्ण बात जिसे लोग महसूस नहीं रहे हैं, वो ये है कि हम दुनिया के दो सबसे अधिक आबादी वाले देशों में से एक हैं, इतनी बड़ी आबादी के लिए टीकाकरण अभियान 2-3 महीने के भीतर पूरा नहीं किया जा सकता है क्योंकि इसमें कई कारक और चुनौतियां शामिल हैं। पूरी दुनिया की आबादी को पूरी तरह से टीका लगने में 2-3 साल लगेंगे।
उन्होंने कहा कि एसआईआई ने 200 मिलियन से अधिक खुराकें वितरित की हैं, भले ही हमें अमेरिकी फार्मा कंपनियों के दो महीने बाद आर्डर प्राप्त हुआ हो। यदि हम उत्पादित और वितरित कुल खुराकों को देखें, तो हम दुनिया में शीर्ष तीन में शुमार हैं। हम यह दोहराना चाहेंगे कि हमने भारत में लोगो को दरकिनार करके कभी भी टीकों का निर्यात नहीं किया है और देश में टीकाकरण अभियान के समर्थन में हम जो कुछ भी कर सकते हैं, करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सीरम इंस्टीट्यूट के मुताबिक, जनवरी 2021 में कंपनी के पास वैक्सीन की खुराक का एक बड़ा भंडार था। टीकाकरण अभियान सफलतापूर्वक शुरू हो गया था और दर्ज किए जा रहे दैनिक मामलों की संख्या अब तक के सबसे निचले स्तर पर थी।
उस स्तर पर, स्वास्थ्य विशेषज्ञों सहित ज्यादातर लोगों का मानना था कि भारत महामारी का रुख मोड़ रहा है। हमारी सरकार ने इस अवधि के दौरान जहां भी संभव हुआ, समर्थन दिया। हमारे वैश्विक गठबंधनों के हिस्से के रूप में, कोवैक्सीन के प्रति भी हमारी प्रतिबद्धता थी ताकि वे महामारी को समाप्त करने के लिए विश्व स्तर पर टीकों का वितरण कर सकें। गौरतलब है कि देश में वैक्सीन की कमी के कारण कई राज्यों में टीकाकरण कार्यक्रम प्रभावित हुआ है।

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