Breaking News

शर्मनाक: कोरोना के कारण हुई बेटी की मौत, पिता ने कंधे पर शव लादकर श्मशान तक पहुंचाया

@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो

कोरोना महामारी के आगे न सिर्फ स्वास्थ्य व्यवस्थाएं कराहती नजर आईं बल्कि इंसानियत भी लाचार और बेबस दिखाई दे रही है। कोरोना के कारण हुई मौत की वजह से लोग लाशों को हाथ लगाने से भी कतराते हैं। ऐसे तमाम मामले सामने आए हैं जहां परिवार ने या तो कोविड संक्रमित को लावारिस छोड़ दिया या फिर समाज ने कोरोना की चपेट में मरीज का बहिष्कार कर दिया।

ऐसा ही एक मामला पंजाब के जालंधर में सामने आया है, जहां 11 साल की बच्ची का निधन कोरोना के कारण हो गया, पहले प्रशासन की लापरवाही ने उसे सुविधाएं ही नहीं मिली और बाद में समाज की तरफ से मासूम को कंधा देने के लिए कोई आगे नहीं आया। आखिर में बुजुर्ग पिता ने शव को कंधे पर लादकर कई किलोमीटर पैदल चलकर श्मशान तक पहुंचाया।

घटना का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। दरअसल कोरोना महामारी में प्रशासन ने सख्त आदेश दिए हैं कि अगर किसी कोरोना मरीज की मौत हो जाती है तो उसका दाह संस्कार करने का जिम्मा प्रशासन खुद उठाएगा लेकिन इसके विपरित मृतक के परिजन को यहां शव को श्मशान घाट तक खुद ही ले जाना पड़ा।

मृतक सोनू के पिता दिलीप कुमार ने बताया कि सिविल हॉस्पिटल जालंधर ने उनकी बेटी को अमृतसर रेफर कर दिया था। पहले उनसे खून के बोतल के एवज में 4500 रुपये लिए गए और बच्ची के निधन के बाद एंबुलेंस के नाम पर 2500 रुपये भी चार्ज किए गए, जबकि कोई सुविधा उन्हें नहीं मिली।

जब दिलीप घर पहुंचे तो आस पड़ोस के लोगों ने साफ कर दिया कि वह बच्ची को हाथ नहीं लगाएंगे क्योंकि बच्ची की मौत कोरोना के कारण हुई है। इसके बाद पिता के पास शव को कंधे पर उठाकर श्मशान ले जाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था. बेटी को अपने कंधे पर ढोता इस पिता की तस्वीर अपने आप में कई सवालों को पीछे छोड़ गई है, जिसके जवाब न तो प्रशासन के पास हैं और न ही समाज के पास।  

Website Design By Mytesta +91 8809666000

Check Also

जनगणना 2027: आम जनता से पूछे जाएंगे 33 सवाल, भारत सरकार ने जारी की विस्तृत सूची, तैयार हो जाईये यहाँ देखिए क्या क्या पूछा जायेगा आपसे?

🔊 Listen to this @शब्द दूत ब्यूरो (23 जनवरी 2026) नई दिल्ली। भारत सरकार ने …

googlesyndication.com/ I).push({ google_ad_client: "pub-