@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी को लिखे कड़े शब्दों वाले एक पत्र में चुनाव आयोग ने कहा कि वह इस बात को पसंद नहीं करेगा कि किसी राजनीतिक दल से कथित निकटता को लेकर उसे सवालों के कठघरे में खड़ा किया जाए।
चुनाव आयोग ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) सुनील अरोड़ा को भेजे गये ममता के एक पत्र के जवाब में कहा, ‘‘कोलकाता में और राष्ट्रीय राजधानी नयी दिल्ली में हाल के समय में टीएमसी के प्रतिनिधियों से मुलाकात करने के बावजूद, ‘‘यदि यह माननीय मुख्यमंत्री द्वारा कहा गया है कि आयोग को राजनीतिक दलों से मिलना चाहिए, तो यह संस्था के तौर पर आयोग का महत्व बार-बार संकेतों और दृढ़ कथनों के साथ घटाने की ही कोशिश होगी।”
पश्चिम बंगाल के प्रभारी उप निर्वाचन आयुक्त सुदीप जैन ने ममता को लिखे पत्र में कहा, ‘आयोग इस रुख पर कायम है कि वह किसी राजनीतिक दल से कथित निकटता के लिए गहन निगरानी में नहीं रखा जाना चाहेगा।’ उन्होने कहा कि यदि मुख्यमंत्री खुद की सर्वश्रेष्ठ जानकारी में मौजूद कारण को लेकर इस मिथक पर जोर देने की कोशिश करेंगी तो सिर्फ वही बता सकती हैं कि वह ऐसा क्यों कर रही हैं।
बता दें, ममता ने पश्चिम बंगाल में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाया कि वह विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस नेताओं को प्रताड़ित करने की साजिश रच रहे हैं। ममता ने यह भी जानना चाहा कि क्या चुनाव आयोग को उनसे निर्देश मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि भाजपा उसके रोजमर्रा के कामकाज में दखलंदाजी जारी रखेगी तो वह चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगी।



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