नई दिल्ली। पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन की दिशा में काम करने वाली ग्रेटा थनबर्ग के किसानों को लेकर ट्वीट पर दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ केस दर्ज किया है, इसमें आपराधिक साजिश और समूहों में दुश्मनी फैलाने का आरोप लगाया है। हालांकि केस दर्ज होने के बाद भी ग्रेटा अविचलित हैं, उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा, ‘मैं अभी भी किसानों के समर्थन में खड़ी हूं और नफरत, धमकी या मानवाधिकारों का उल्लंघन इसे बदल नहीं सकेगा।’ गौरतलब है कि किसान कानूनों के खिलाफ दिल्ली से जुड़ी सीमा पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में ग्रेटा के ट्वीट ने पिछले दो दिनों में अंतराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां हासिल की है।
गौरतलब है कि ग्रेटा ने केन्द्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के प्रदर्शनों के प्रति समर्थन व्यक्त किया था। उन्होंने ट्वीट किया था, ‘हम भारत में किसानों के आंदोलन के प्रति एकजुट हैं।’ इस पर भारत सरकार की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया दी गई थी।
दिल्ली से बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ने देश के आंतरिक मामलों में दखल के लिए ग्रेटा को आड़े हाथ लिया है। मीनाक्षी लेखी ने कहा कि ग्रेटा के ट्वीट से जिस साजिश का हमें हमेशा अंदेशा था, उसका सबूत अब सामने आ गया है कि किस तरह से साजिश चल रही है। उन्होंने कहा, ‘ग्रेटा थनबर्ग एक बच्ची है अगर मेरे हाथ में होता तो मैं उसे बाल पुरस्कार देती। उसका नाम नोबेल प्राइज से हटा देती।’
उन्होंने कहा, ‘नोबेल प्राइज वातावरण की सुरक्षा के लिए अच्छे कामों के लिए दिया जाता है लेकिन यहां तो जो लोग पराली जलाते हैं, वातावरण को प्रदूषित करते हैं। पानी का दुरुपयोग करते हैं। ग्रेटा थनबर्ग उनके साथ खड़ी हो गई है। यह दोहरा चेहरा इस पूरे कार्यक्रम का अब सामने आ गया है।’
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