@विनोद भगत
उत्तराखंड के मूल निवासी पाराशर गौड़ पहली गढ़वाली फिल्म जग्वाल के निर्माता के तौर पर जाने जाते हैं। लेकिन पाराशर गौड़ हिंदी व गढ़वाली में साहित्यकार के रूप में में भी अपनी एक अलग पहचान रखते हैं। श्री गौड़ वर्तमान में कनाडा में रह रहे हैं। इसके बावजूद अपने देश की माटी और भाषा से उनका आत्मीय लगाव कभी कम नहीं हुआ है।
हाल ही में उनकी एक कविता “ऐ समय तू रूक जा” को विमला भंडारी ने बड़े मधुर अंदाज में गाकर उसमें दिये संदेश को जन जन तक पहुंचाने का प्रयास किया है। पाराशर गौड़ कहते हैं कि देश और अपनी संस्कृति के प्रति श्रद्धा और सम्मान उनके मन में हमेशा रहता है। उनकी कविताओं और गीतों में भी यही भावना परिलक्षित होती है।






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