@शब्द दूत ब्यूरो
नई दिल्ली। कोरोना वैक्सीन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ सोमवार शाम को 4 बजे बैठक करेंगे। यह बैठक ऐसे वक्त हो रही है, जब दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में कोरोना वैक्सीन की पहली खेप पहुंचने वाली है। जनवरी मध्य के बाद से कोरोना वैक्सीन का टीकाकरण भी शुरू हो सकता है। केंद्र सरकार ने यह तो स्पष्ट कर दिया है कि 3 करोड़ हेल्थ वर्कर और फ्रंटलाइन वर्करों को टीका मुफ्त में लगाया जाएगा।
पहले चरण में जिन बाकी 27 करोड़ लोगों का टीकाकरण होना है, उन्हें टीका मुफ्त मिलेगा या नहीं, इस पर अभी कोई स्पष्टता नहीं है। 50 साल से अधिक उम्र के और गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों के लिए टीकाकरण का खर्च केंद्र या राज्य सरकार वहन करेगी, इस पर बैठक में चर्चा हो सकती है। हालांकि राजस्थान समेत कई राज्यों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि कोरोना के कारण उनका खजाना खाली है। ऐसे में कोरोना वैक्सीन की लागत केंद्र को ही वहन करनी चाहिए। क्या निजी अस्पतालों को भी टीकाकरण की इजाजत दी जाए, इस पर भी बैठक में चर्चा हो सकती है।
मालूम हो कि कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड की पहली खेप अगले 72 घंटों में देश के अन्य बड़े शहरों में पहुंचने वाली है। दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर यह खेप पहुंचने वाली है। कोरोना वायरस की यह वैक्सीन कोविशील्ड है, जिसे ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और ब्रिटिश फर्म एस्ट्राजेनेका ने मिलकर बनाया है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में यह वैक्सीन तैयार की गई है। भारत में 30 करोड़ लोगों का टीकाकरण इसके जरिये शुरू होगा। भारत बायोटेक की वैक्सीन को बैकअप के तौर पर रखा गया है, जिसका इस्तेमाल कोरोना के मामलों में तेज इजाफा होने पर किया जा सकता है।
देश में कोविड वैक्सीन के टीकाकरण को लेकर यूपी, दिल्ली समेत सभी राज्यों में ड्राई रन यानी पूर्वाभ्यास हो रहा है। इसके लिए देशव्यापी ड्राई रन भी हो चुका है। दिल्ली में कोरोना टीकाकरण के लिए एक हजार केंद्र बनाए गए हैं। कोविड टीकाकरण लेने वालों की पहचान के लिए कोविन ऐप में अब तक 70 लाख से ज्यादा लोगों का पंजीकरण कराया जा चुका है।




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