
@विनोद भगत
काशीपुर । बचपन से ही दोनों में मित्रता थी। हालांकि मित्र आज भी वह दोनों हैं। लेकिन राजनैतिक रूप से दोनों के रास्ते अलग अलग हैं। लेकिन लक्ष्य एक है। काशीपुर में इन दिनों दो बचपन के मित्र चर्चाओं में हैं। शहर की दशा और दिशा बदलने के लिए प्रयासरत इन दोनों मित्रों की कोशिश कितनी कारगर हो पायेगी यह तो भविष्य के गर्भ में है।

जी हां, हम बात कर रहे हैं उद्योगपति और समाजसेवी से राजनीति में पदार्पण कर रहे दीपक बाली और लंबे समय से राजनीतिक क्षेत्र में कार्यरत युवा अधिवक्ता महानगर कांग्रेस अध्यक्ष संदीप सहगल की। संदीप सहगल कांग्रेस के बैनर तले अपनी अलख जगाये हुये हैं और शहरवासियों के लिए चिरपरिचित नाम हैं।

वहीं दीपक बाली भी शहरवासियों के लिए चर्चित नामों में से एक हैं। लेकिन खास बात यह है कि दीपक बाली ने कुछ ही समय पूर्व राजनीति में प्रवेश किया है और अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी से उन्होंने अपनी राजनीति का श्रीगणेश किया है। और थोड़े ही दिनों में यह चेहरा शहर का एक प्रभावशाली राजनैतिक व्यक्तित्व के रूप में उभर कर आया है।
फिलहाल संदीप सहगल और दीपक बाली काशीपुर क्षेत्र की इस समय सर्वाधिक चर्चित हस्ती बन गये हैं। पुराने खांटी राजनेताओं को पछाड़कर बाली और सहगल इस समय शहर के लोगों की जुबान पर चढ़े हुये हैं। जहाँ तेजी से दीपक बाली ने अपना राजनैतिक दर्जा हासिल करने में कामयाबी पाई हैं उससे पुराने तमाम चर्चित राजनेताओं को पीछे छोड़ दिया है। जिससे शहर का राजनैतिक तापमान इन सर्द दिनों में बढ़ गया है।
बहरहाल मौजूदा परिस्थितियों में लगता है कि काशीपुर की राजनीति आने वाले समय में इन दोनों चर्चित अपेक्षाकृत युवा चेहरों के बीच कोई नई इबारत लिखने जा रही है। दरअसल काशीपुर को लंबे समय से एक ऊर्जावान राजनीतिक चेहरे की दरकार भी है। थकी हुई राजनीति की वजह से शहर के थमे हुये विकास को गति देने की आवश्यकता है। सहगल और बाली नाम के ये दो मित्र क्या शहर की बदलती राजनीति का चेहरा बनेंगे? आने वाला समय यह बतायेगा। 





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