केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे ने दावा किया कि तीन नए कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की मांग को लेकर जारी किसानों विरोध प्रदर्शनों के पीछे चीन और पाकिस्तान का हाथ है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संशोधित नागरिकता अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (एनआरसी) को लेकर पहले मुसलमानों को गुमराह किया गया, लेकिन ये प्रयास सफल नहीं हुए। उन्होंने कहा कि अब किसानों को बताया जा रहा है कि नए कानूनों के कारण उन्हें नुकसान होगा।
उन्होंने कहा, ”जो आंदोलन चल रहा है, वह किसानों का नहीं है। इसके पीछे चीन और पाकिस्तान का हाथ है। इस देश में मुसलमानों को पहले भड़काया गया। उन्हें कहा गया कि एनआरसी आ रहा है, सीएए आ रहा है और छह माह में मुसलमानों को इस देश को छोड़ना होगा। क्या एक भी मुस्लिम ने देश छोड़ा?” उन्होंने कहा, “वे प्रयास सफल नहीं हुए और अब किसानों को बताया जा रहा है कि उन्हें नुकसान सहना पड़ेगा। यह दूसरे देशों की साजिश है।”
हालांकि मंत्री ने इस बारे में विस्तार से नहीं बताया कि किस आधार पर उन्होंने यह दावा किया कि किसानों के विरोध के पीछे दोनों पड़ोसी देश हैं। दानवे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों के प्रधानमंत्री हैं और उनका कोई भी निर्णय किसानों के खिलाफ नहीं होगा।
किसानों के विरोध प्रदर्शन में चीन और पाकिस्तान को घसीटने के लिए दानवे पर चुटकी लेते हुए शिवसेना प्रवक्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद सावंत ने कहा कि महाराष्ट्र में सत्ता गंवाने के कारण भाजपा नेता अपने होश में नहीं हैं। उन्हें पता ही नहीं है कि वे क्या बोल रहे हैं।






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