@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो
तिरुवनंतपुरम। केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने पुलिस कानून में बदलाव से जुड़े विवादित अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। विपक्ष ने एलडीएफ सरकार के इस कानून पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यह पुलिस को अनावश्यक और असीमित ताकत देगा। इससे प्रेस की आजादी पर भी अंकुश लगेगा। इस कानून के तहत सोशल मीडिया पर अपमानजनक या मानहानि करने वाली पोस्ट को लेकर दोषी पाए जाने पर किसी व्यक्ति को 5 साल जेल या दस हजार रुपये जुर्माना या दोनों ही हो सकता है।
कानून के इन कड़े प्रावधानों का विपक्ष विरोध कर रहा है। सरकार के सूत्रों का कहना है कि यह अध्यादेश महिला और बच्चों की रक्षा करेगा, जो घृणित बयानों और डराने-धमकाने के वाकयों का सोशल मीडिया पर शिकार होते हैं। सरकार का कहना है कि सोशल मीडिया पर ऐसे हमला किसी भी व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक सुरक्षा के लिए भी खतरा है। संशोधित कानून के तहत पुलिस को ऐसे मामलों में स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की इजाजत है।
हालांकि विपक्षी दलों का कहना है कि यह कानून पुलिस को अनावश्यक तरीके असीमित अधिकार देगा और इसके दुरुपयोग की आशंका है। इससे प्रेस की आजादी पर भी चोट पहुंचेगी। राज्य सरकार इस कानून के जरिये उसके आलोचकों पर शिकंजा कस सकती है। कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने ट्वीट कर इस कानून को लेकर हैरानी जताई है।
उन्होंने लिखा, केरल में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंड (एलडीएफ) सरकार द्वारा पारित कानून चौंकाने वाला है। यह सोशल मीडिया पर किसी भी आपत्तिजनक पोस्ट पर 5 साल जेल का प्रावधान करता है। एलडीएफ सरकार ने अक्टूबर में जब पुलिस एक्ट 2011 में बदलाव के लिए यह निर्णय किया था तो सहयोगी दल भाकपा ने भी इस पर चिंता जाहिर की थी।






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