काशीपुर। धान बेचने के बाद भुगतान के लिए किसान भटक रहे हैं। 38 दिन बीतने के बाद भी सरकार ने किसानों को भुगतान नहीं किया है। यह मामला अब तूल पकड़ने लगा है।
आज भारतीय किसान यूनियन ने धान का भुगतान न होने पर यहाँ सहकारी समिति के कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और एडीओ सहकारिता संजय मुआयल के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान भाकियू पदाधिकारियों ने कटोराताल रोड स्थित काशीपुर सहकारी क्रय विक्रय समिति पर नारेबाजी की।
ज्ञापन में भाकियूू पदाधिरियों ने कहा कि सहकारिता व नैफेड के तौल केन्द्रो में 15 अक्टूबर को तौले गये धान का भुगतान आज 38 दिनों बाद भी नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि फसल बोने के बाद 6 माह तक किसान फसल आने का इंतजार करना है। किसान के पास न तो मासिक आय होती है और न ही जमा पूंजी। किसान फसल बेचकर ही कर्ज चुकाने के साथ-साथ नई फसल बोने के लिये बीज, खाद, डीजल व घर के जरूरी खर्च की व्यवस्था करता है। धान का भुगतान न मिलने से सभी कार्य प्रभावित हैं। ज्ञापन में कहा कि किसानों का धान अभी भी तुलने से रह गया है, उसकी तौल की व्यवस्था की जाये। किसानों का कहना है कि किसानों के हित में बताये जा रहे कृषि बिल को वापस लिया जाये क्योंकि उक्त तीनों बिल पहली ही फसल में फेल हो गये हैं। जिससे किसानों को कोई लाभ नहीं हुआ।
पहली बार किसानों को ज्यादा में घाटे में धान बेचना पड़ रहा है। इस दौरान किसान यूनियन के ब्लाॅक अध्यक्ष टीका सिंह सैनी, बलजिंदर सिंह संधु, कुलदीप सिंह चीमा, बलकार सिंह, कल्याण सिं, बलवीर सिंह, जागीर सिंह, दर्शन सिंह, रमेश पाल, लखविन्दर सिंह, मनप्रीत सिंह, हरपाल सिंह, कशमीर सिंह, सुरेन्द्र सिंह, नशरत अली, सतवीर सिंह आदि किसान मौजूद रहे।






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