@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चुनाव के बाद पहली बार पब्लिक में नजर आए। अमेरिका में 11 नवंबर को सेना में देश की सेवा कर चुके जवानों को सम्मान देने के लिए वेटरन्स डे मनाया जाता है। इस मौके पर ट्रंप आर्लिंगटन नेशनल सेमेट्री में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। लेकिन राष्ट्रीय एकता का यह दिवस, जो बाइडेन से अपनी हार न मानने की ट्रंप की जिद के आगे फीका ही रहा।
ट्रंप चुनावी नतीजे घोषित होने के चार दिन बाद व्हाइट हाउस से बाहर निकले। हारने के बाद से उन्होंने देश को कोई संबोधन नहीं दिया है। अब तक वो ट्विटर पर ही ट्वीट कर रहे हैं, इसके अलावा उन्होंने वेटरन्स डे को लेकर एक रिलीज जारी किया था। उन्होंने परंपरा के अनुसार बाइडेन के सामने औपचारिक तौर पर हार नहीं मानी है, जैसा कि यहां हर बार होता है।
व्हाइट हाउस में बैठे ट्रंप बार-बार यह प्रोजेक्ट करने की कोशिश कर रहे हैं कि वो वोटर फ्रॉड के लिए केस पर केस फाइल करेंगे और फिर उनकी ही जीत होगी। हालांकि, अपने दावों को साबित करने के लिए उन्होंने कोई बहुत ठोस सबूत नहीं दिया है। अमेरिका में कोविड-19 के केस रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं, यहां पर कई राज्य ठंड से महामारी को काबू करने के लिए नए प्रतिबंध लगा रहे हैं, लेकिन ट्रंप ने सामान्यतया राष्ट्रपति की जिम्मदारियों को तिलांजलि दे दी है।
पिछले दिनों एक बार फिर उन्होंने चुनाव में अपनी जीत और डेमोक्रेट्स की तरफ से बैलट्स के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया। हालांकि, दुनिया भर के विश्लेषक, विश्व के नेता, अमेरिकी चुनावी अधिकारी और अमेरिकी मीडिया के बीच सहमति है कि तीन नवंबर को जो वोटिंग हुई वो पूरी तरह से निष्पक्ष थी और फ्रॉड के आरोपों का आधार नहीं है।







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