काशीपुर । हाईकोर्ट ने मंगलवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत पर भ्रष्टाचार के आरोपों के मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं। आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता मयंक शर्मा ने कहा कि उत्तराखंड के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है।
आप प्रवक्ता मयंक शर्मा ने कहा कि मा० उच्च न्यायालय द्वारा भ्रष्टाचार के मामले में मुख्यमंत्री के विरुद्ध सीबीआई जांच के आदेश के बाद मुख्यमंत्री को नैतिकता और पद की गरिमा को देखते हुए तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए और सीबीआई जांच में पूरा सहयोग करना चाहिए।
बता दें कि उच्च न्यायालय ने राज्य के चर्चित पत्रकार उमेश कुमार की याचिका पर मुख्यमंत्री पर लगाए गए आरोपों के आधार पर सीबीआई को एफ आई आर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। पत्रकार की पैरा 8 को आधार बनाते हुए कोर्ट ने सीबीआई जांच के लिए कहा। दरअसल सेवानिवृत्त प्रोफेसर हरेंद्र सिंह रावत ने देहरादून में एक पत्रकार के खिलाफ ब्लैकमेलिंग सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। जिसमें राजद्रोह का मामला भी शामिल था। हरेंद्र रावत ने अपने मुकदमे में एक वीडियो का हवाला दिया था जिसमें झारखंड के निवासी अमृतेश चौहान नाम के व्यक्ति को गौ सेवा आयोग का अध्यक्ष बनाने के नाम पर घूस की राशि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को भेजने की बात कही गई थी। वहीं उमेश कुमार ने इस मामले से जुड़ी 20 सीडी कोर्ट को सौंप कर सीबीआई जांच और प्राथमिकी रद्द करने की मांग की थी। अब कोर्ट द्वारा मुख्यमंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच हेतु सीबीआई को प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश देने के बाद मामला अब सीबीआई जांच में चला गया।
आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता मयंक शर्मा ने कहा कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस का दम भरने वाले मुख्यमंत्री रावत पर खुद भ्रष्टाचार के आरोप लगते आये हैं और अब मा० न्यायालय के सीबीआई जांच के आदेश के बाद मामला और भी गंभीर हो गया है इसलिए मुख्यमंत्री अपने पद से तुरंत इस्तीफा दें। अगर मुख्यमंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देते तो आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर कर भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।



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