@शब्द दूत ब्यूरो
चंडीगढ़। ट्रैक्टर मार्च के पहले दिन सार्वजनिक मंच से राहुल और कैप्टन की उपस्थिति में सरकार के खिलाफ सिद्धू की बयानबाजी पर कांग्रेस प्रभारी ने चुप्पी तोड़ी है। कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत ने कहा है कि यह कहना सिद्धू के साथ अन्याय होगा कि वह नाराज होकर चले गए।
उन्होनें कहा कि “मैंने एक दिन का समय मांगा था, वह उन्होंने दिया। हर नेता का अपना वर्किंग स्टाइल होता है, धीरे-धीरे अभ्यस्त हो जाएंगे।” उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक पार्टी है, यहां हर किसी को अपनी बात कहने का अधिकार है। सिद्धू की नाराजगी पर बोले यह उनका अपना काम करने का तरीका है।
कांग्रेस महासचिव रावत ने कहा कि वर्ष 1972 से संगठन में काम करने वाले हरीश रावत और 2020 में काम करने वाले हरीश रावत में काफी फर्क आया है। उनके में भी बदलाव आएगा, धीरे-धीरे वह भी अभ्यस्त हो जाएंगे। आने वाले समय में उनके लिए जिम्मेदारियां बांह पसारे खड़ी हैं। ट्रैक्टर मार्च के बाद दिल्ली जाएंगे, वहां सब कुछ ठीक हो जाएगा।
किसान आंदोलन पर कांग्रेस प्रभारी ने कहा कि किसानों ने राहुल गांधी पर विश्वास जताया है। पंजाब में किसानों के बीच तीन दिन रहकर राहुल ने किसानों के दर्द को समझा है। वैसे भी वर्तमान का किसान समझा हुआ है, उसे समझाने की जरूरत नहीं रही। आंदोलन की अगुवाई पार्टी नहीं किसान खुद कर रहा है।
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