@शब्द दूत ब्यूरो
काशीपुर । अकाली दल के एनडीए से गठबंधन टूटने पर काशीपुर में कुछ भाजपाईयों को एक बात की खुशी थी कि लगातार बीस वर्षों से भाजपा का टिकट हासिल कर जीत रहे हरभजन सिंह चीमा की जगह उनको दावेदारी करने का मौका मिलेगा। लेकिन भाजपा विधायक हरभजन चीमा के इस्तीफा देने की बात नकार दिये जाने से उनके मंसूबों पर पानी फिर गया है।
भाजपा प्रदेश कोषाध्यक्ष आशीष गुप्ता ने शब्ददूत से कहा कि कि हरभजन सिंह चीमा पिछले चार बार के जीते हुये विधायक हैं। और पार्टी तथा संगठन का उन पर पूरा भरोसा है। श्री गुप्ता ने कहा कि रही दावेदारी की बात तो जब पहली बार चीमा विधायक बने तब से ही लोग दावेदारी करते आये हैं। दावेदारी करना गलत बात नहीं है लेकिन पार्टी के लिए हरभजन सिंह चीमा ही टिकट के मामले में पहली पसंद हैं।
प्रदेश कोषाध्यक्ष आशीष गुप्ता ने कहा कि अकाली दल से इस समय गठबंधन टूट गया है लेकिन अभी चुनाव में डेढ़ साल का समय है। देखना होगा कि गठबंधन की स्थिति तब तक क्या होगी।
उधर विधायक चीमा के धुर विरोधी पूर्व विधायक राजीव अग्रवाल कहते हैं कि हरभजन सिंह चीमा के अलावा पार्टी किसी अन्य के नाम पर विचार ही नहीं करेगी। इसलिए दावेदारी करना व्यर्थ है। पूर्व विधायक अग्रवाल यहाँ तक कहते हैं कि काशीपुर विधानसभा सीट की दावेदारी की रजिस्ट्री हरभजन सिंह चीमा ने अपने नाम करा ली है। पूर्व विधायक राजीव अग्रवाल ने विपक्षी कांग्रेस समेत अन्य दलों को भी चेताया है कि हरभजन सिंह चीमा के सामने वह अपनी जीत का ख्याल ही छोड़ दें। 

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