@शब्द दूत ब्यूरो
नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र में पिछले हफ्ते लॉकडाउन में प्रवासियों की मौत के बाद अब किसानों की मौत को लेकर भी सरकार ने कहा है कि उसके पास आंकड़े नहीं हैं। इसे लेकर विपक्ष सरकार पर जबरदस्त हमले बोल रहा है। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने एक कार्टून शेयर करते हुए व्यंगात्मक अंदाज में केंद्र की एनडीए सरकार पर हमला बोला है।
थरूर ने एक ट्वीट मे एक कार्टून शेयर किया और इसके साथ लिखा, ‘प्रवासी मजदूरों पर कोई डेटा नहीं है, किसानों की आत्महत्या पर भी कोई डेटा नही है। फिस्कल स्टीमुलस पर गलत डेटा है, कोविड से हुई मौतों पर भी भ्रामक डेटा है, जीडीपी ग्रोथ को लेकर कोई साफ डेटा नहीं है-इस सरकार ने एनडीए टर्म की परिभाषा ही बदल दी है।’ ये ‘नो डाटा अवेलेबल’ सरकार है।
बता दें कि संसद में सरकार से किसानों की आत्महत्या, लॉकडाउन में मरने वाले प्रवासी मजदूरों की संख्या, कोरोनावायरस के चलते रोजगार गंवाने वाले लोगों की संख्या, देश में अवैध प्रवासियों की संख्या, कोविड के चलते जान गंवाने वाले हेल्थकेयर कर्मचारियों और डॉक्टरों की संख्या और देश में कुल प्लाज्मा बैंक की संख्या को लेकर सवाल पूछे गए हैं, लेकिन सरकार के पास इनपर कोई जवाब नहीं है।
किसानों की आत्महत्या पर सरकार ने कहा है कि राज्यों ने आंकड़े उपलब्ध नहीं कराए हैं। अवैध प्रवासियों पर सरकार का कहना है कि ‘प्रक्रिया चल रही है’। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में बताया था कि ‘अवैध प्रवासी भारत में ‘बहुत गुप्त तरीके से छुप-छुपाकर’ आते हैं, ऐसे में उनका पता लगाना, हिरासत में लेना और फिर उन्हें वापस भेजने की ‘प्रक्रिया चल रही है।’
कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने भी सरकार के पास आंकड़ों के अभाव को लेकर हमला बोला था। पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि ‘ऐसे में कृषि मंत्री को यह कैसे पता होगा कि किस किसान ने किस व्यापारी को उपज बेची? उन्हें कैसे पता चलेगा कि देश में कितने लाखों का ट्रांजैक्शन हो रहा है? अगर उनके पास डेटा नहीं है तो वो इसकी गारंटी कैसे लेंगे कि अधिकतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) कैसे हर ट्रांजैक्शन में चुकाई जा रही है?’


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