@शब्द दूत ब्यूरो
नई दिल्ली। शिव सेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सदन के उन सदस्यों को करारा जवाब दिया जो महाराष्ट्र में बढ़ते कोरोना मामलों पर शिव सेना सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे थे। कोरोना वायरस संक्रमण पर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्द्धन के बयान पर सदन में चर्चा के दौरान के राउत ने पलटवार करते हुए कहा, “मैं सदस्यों से पूछना चाहता हूं कि इतने लोग कैसे ठीक हुए? क्या सभी लोग भाभीजी का पापड़ खाकर ठीक हो गए?” उन्होंने कहा, “यह एक राजनीतिक लड़ाई नहीं है बल्कि लोगों के जीवन को बचाने की लड़ाई है।”
राउत ने कहा, “मेरी माँ और मेरा भाई कोविड-19 से संक्रमित हैं। महाराष्ट्र में भी कई लोग ठीक हो रहे हैं। आज धारावी में स्थिति नियंत्रण में है. डब्लूएचओ ने बीएमसी के प्रयासों की सराहना की है। मैं इन तथ्यों को बताना चाहता हूं क्योंकि यहां कुछ सदस्य महाराष्ट्र सरकार की आलोचना कर रहे थे।”
संजय राउत यहीं नहीं रुके। उन्होंने देश की खस्ता आर्थिक स्थिति पर भी तंज कसा। राउत ने सरकार से मांग की कि वह लाभकारी एवं राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट का निजीकरण नहीं करे। उन्होंने शून्यकाल में जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) के निजीकरण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि नोटबंदी व कोविड—19 महामारी के कारण देश की आर्थिक व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। हमारी जीडीपी और हमारा रिजर्व बैंक भी खस्ताहाल हो गया है।


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