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उत्तराखंड में कई जगह बादल फटे, भारी तबाही, एक की मौत, कई घायल

उत्तराखंड में बादल फटने से हुई तबाही बयान करती तस्वीरें

-शब्ददूत डेस्क

पिथौरागढ़ जिले के नाचनी क्षेत्र में बीती रात को बादल फट जाने से भारी नुकसान हो हुआ है। वहीं टिमटिया में मकान ढहने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान राम सिंह धर्मशक्तू के रूप में हुई है। इलाके का भैंसखाल पंचायत घर का आंगन भी बह गया है और कई रिहायशी मकानों पर खतरा मंडरा रहा है।

थल-मुनस्यारी सड़क रातिगाड़ रसियाबगड़, नया बस्ती आदि कई स्थान पर आवाजाही बंद हैं।यहां मलबे में दबी एक महिला को सकुशल निकाल लिया गया। राहत और बचाव के लिये एसडीआएफ की टीम घटना स्थल के लिए रवाना हो चुकी है।

बादल फटने के दौरान हल्के वाहनों के भी बहने की खबर है। वहीं दूसरी ओर बड़बगड़ क्षेत्र में जानवरों के दबने की भी सूचना है। रामगंगा नदी  उफान पर है। क्षेत्र के सभी नदी नालो का जल स्तर बढ़ गया है। 

वहीं चमोली जिले के गोविंद घाट में भी बादल फटने की सूचना है। जानकारी के मुताबिक बादल फटने से पार्किंग में कई वाहन दब गए हैं। पुलिस ने हेमकुंड जाने वाले श्रदालुओं को सुरक्षित स्थान में भेज दिया है। थराली क्षेत्र के गुडंम में दो गोशालाओं के टूटने और कई मवेशियों के दबे होने सूचना  है। भारी बारिश से कोटद्वार में काश्तकारों की धान भी फसल बह गई है। कई जगह सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है।लेंगथराली क्षेत्र के गुड़म गांव के जंगल में शनिवार तड़के बादल फटने गुडम, थाला, लोल्टी गांवों में भारी तबाही हुई है। गुडम स्टेट में दो मकान और दो गोशालाएं पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गये हैं। हादसे में दो महिलाओं को हल्की चोटें आई हैं। गोशाला दबने से 10 पालतू पशु घायल हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही तहसील प्रशासन और पुलिस की टीम ने मौके पर जाकर लोगों को राहत पहुंचाई। 

शुक्रवार रात से पिंडरघाटी में भारी बारिश के दौरान अनहोनी के चलते ग्रामीण पहले ही अपने घरों से बाहर निकल गये थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शुक्रवार रात भर तेज बारिश के बाद शनिवार तड़के करीब तीन बजे बादलों की जोर की आवाज आई। इसी दौरान कुछ देर बाद गुड़म गांव के ऊपरी भाग के जंगल में तेज गर्जना के साथ बादल फटा और भंयकर उफान के साथ गदेरे से गांव में मलबा आ गया। अंधेरे में मलबा आते ही पहले से अपने घरों से बाहर रह रहे ग्रामीण जान बचाने के लिए भागने लगे। तभी दो महिलाएं मलबे की चपेट में आ गई। आनन-फानन में किसी तरह दोनों महिलाओं को उनके परिजनों ने खींचकर मलबे से बाहर निकाला और सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। गांव में दो गोशाला और उनमें बंधे पालतू पशु मलबे में दब गए।

ग्वालदम-थराली-कर्णप्रयाग मोटर मार्ग घनियाल धार से लेकर नासिर बाजार तक क्षतिग्रस्त है। थाला और लोल्टी में गदेरे का उफान सड़क पर आ गया और सड़क को बहा ले गया। वहीं, लोल्टी में भी कई घरों में मलबा आया है। सैकड़ों पेड़ गदेरे (बरसाती नाला) में बह गये। तलवाड़ी खालसा में पुलिया बह गई और भारी भूस्खलन होने से लोग दहशत में हैं।

शुक्रवार की रात्रि और शनिवार तड़के हुई भारी बारिश से थराली सहित तलवाड़ी, ग्वालदम, बैनोली, जटेरा, सेरा, विजयपुर, जौला, बुड़जौला, त्रिकोट, चिड़ंगा सहित कई क्षेत्रों में भी भारी बारिश से नुकसान हुआ है। ग्रामीणों की कई नाली कृषि भूमि बह गई है और सड़कों को भी नुकसान पहुंचा है। थराली देवाल मोटर मार्ग खाड़ीबगड़, चेपड़ो गदेरे, और कोठी के पास क्षतिग्रस्त होने से यातायात पूरी तरह बंद है। वहीं पीएमजीएसवाई और लोक निर्माण विभाग के गांवों के संपर्क मार्गों में भी भारी मात्रा में मलबा आने व दीवारें गिरने से नन्दकेशरी-जौला, जूनीधार गोठिण्डा चिडंगा ग्वालदम, सहित एक दर्जन से अधिक सड़कें बंद हैं।

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