Breaking News

उत्तराखंड: सत्ता का मिथक भी जुड़ा है रामनगर विधानसभा सीट से

@शब्द दूत ब्यूरो (03 फरवरी, 2022)

रामनगर विधानसभा सीट कॉर्बेट नेशनल पार्क होने की वजह से पर्यटन की दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण है। गढ़वाल-कुमाऊं का द्वार होने की वजह से भी यहां चुनाव दिलचस्प रहता है।

रामनगर विधानसभा सीट कॉर्बेट नेशनल पार्क होने की वजह से पर्यटन की दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण है। यहां अधिकांश लोगों का व्यवसाय पर्यटन से जुड़ा हुआ है। इस सीट पर पर्वतीय और मैदानी मतदाताओं की संख्या बराबर है। खास बात यह है कि रामनगर सीट पर कुमाऊं और गढ़वाल दोनों मंडल के लोग रहते हैं।

इस बार मुकाबला बीजेपी के दीवान सिंह बिष्ट और कांग्रेस के महेंद्र पाल सिंह में होने जा रहा है, लेकिन इस बार रामनगर के जनता कैसे विधायक को चुनेगी यह जनता को 14 फरवरी को तय करना है।

रामनगर विधान सभा सीट नैनीताल जिले में आती है, इस सीट का कुछ हिस्सा पर्वतीय क्षेत्र में आता है तो अधिकांश हिस्सा मैदानी क्षेत्र का है इस सीट से एक मिथक ये भी जुड़ा है कि जिस पार्टी का विधायक रामनगर सीट से जीत कर आता है सरकार उसी पार्टी की बनती है।

वर्ष 2002 में कांग्रेस के योगम्बर सिंह रावत विधायक बने तो कांग्रेस की सरकार बनी। वहीं 2007 में बीजेपी के दीवान सिंह बिष्ट चुनाव जीते और सरकार बीजेपी की बनी।

साल 2012 में रामनगर से कांग्रेस के टिकट पर अमृता रावत चुनाव जीतीं और सरकार कांग्रेस की बनी। वर्ष 2017 में एक बार फिर से दीवान सिंह बिष्ट चुनाव जीते और सरकार बीजेपी की बन गई। इसके साथ ही उत्तराखंड की पहली निर्वाचित कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री दिवंगत नारायण दत्त तिवारी ने उपचुनाव में रामनगर सीट से ही चुनाव जीता था, जो कि पांच साल तक एकमात्र मुख्यमंत्री का कार्यकाल पूरा करने का रिकॉर्ड बनाने में कामयाब रहे।

रामनगर विधानसभा सीट पर गढ़वाल और कुमाऊं मूल के लोगों का वर्चस्व है। विधानसभा में कुल मतदाता 1, 21, 348 हैं। इनमें महिला मतदाताओं की संख्या 58, 794, पुरुष 62, 553 तथा युवा मतदाता 28, 918 हैं।

Check Also

क्‍या राहुल गांधी को ब्रिटेन यात्रा के लिए मंजूरी की जरूरत थी?

🔊 Listen to this @नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (25 मई, 2022) कांग्रेस के पूर्व …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *