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कार्रवाई :सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत पर सड़क निर्माण में हो रहे भ्रष्टाचार पर मुख्यमंत्री ने दिये तत्काल जांच के आदेश

@शशांक राणा

चमोली। सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार का मामला एक सामाजिक कार्यकर्ता ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को भेजा तो उन्होंने तुरंत मामले की जांच के आदेश दे दिए।

भ्रष्टाचार का यह नमूना जनपद चमोली के, जनपद मुख्यालय से सटे कोठियालसैण – सैकोट – नंदप्रयाग सड़क का है । इस सड़क पर आजकल डामरीकरण का काम चल रहा है । लेकिन मानकों का कोई ख्याल नहीं रखा जा रहा है।  सरकारी योजना में गिद्ध बने भ्रष्टाचारियों के मंसूबों पर यहां उस वक़्त पानी तब फिर गया जब, ढ़ाई सौ किलोमीटर दूर से एक स्थानीय जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता ने इनकी मानसिकता को बेनकाब करता हुआ वीडियो व फ़ोटो सीधे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत तक भिजवा दिए ।

जैसे ही मामला मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के संज्ञान में आया तो, उन्होंने तत्काल विभागीय सचिव आर. के. सुधांशु को मामले में सख्त कार्रवाई करने को कहा । साथ ही जिलाधिकारी चमोली स्वाति भदौरिया को मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण का निर्देश दे दिया । मुख्यमंत्री ने दोषी पाए जाने पर भ्रष्टाचार में संलिप्त सभी लोगों पर सख्त कार्रवाई करने को कहा है । मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हमारी सरकार जीरोटोलरेंस नीति पर कायम है, और निरंतर इस दिशा में आगे बढ़कर काम कर रहे हैं । उन्होंने कहा है कि सूबे में जनता के हकों पर किसी को भी डाका नहीं डालने दिया जाएगा ।

मुख्यमंत्री ने सैकोट गांव के जागरूक युवा सामाजिक कार्यकर्ता को शाबासी दी है । उन्होंने कहा कि प्रदेश में जब हर नागरिक ऐसे ही जागरूक होकर अपने-अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाने लगेंगे तो निश्चित तौर पर हमारा प्रदेश भ्रष्टाचार मुक्त हो जाएगा ।

दरअसल लोक निर्माण विभाग द्वारा आजकल कोठियाल सैण -सावरी सैण(सैकोट) – नन्दप्रयाग मोटर मार्ग पर डामरीकरण का काम किया जा रहा है । सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया यहां खुलेआम हॉटमिक्स के नाम पर महज खानापूर्ति की जा रही है । इनका कहना है कि सड़क पेंटिंग के नाम पर अनियमितता हो रही है , और गुणवता को दरकिनार कर दिया गया है । उक्त मामले का ही विस्तृत वीडियो बनाकर मय सबूत तुरंत मुख्यमंत्री तक भिजवाया गया । जिसका कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने तुरन्त संज्ञान लिया और जिलाधिकारी चमोली को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए हैं । सामाजिक कार्यकर्ता चण्डी प्रसाद थपलियाल ने सरकार से यह आग्रह भी किया कि इस क्षेत्र में सड़क डामरीकरण के कार्य को तुरंत रोका जाए, और इसकी गुणवत्ता का निरीक्षण प्रशासन से करवाया जाए ।

यहां बताते चलें कि यह सड़क बदरीनाथ यात्रा के वक़्त बहुत महत्वपूर्ण साबित होती है । यात्राकाल में भारी जाम से निजात पाने के लिए नंदप्रयाग से कोठियालसैण होते हुए चमोली तक लगभग 17 किलोमीटर की सड़क वन-वे का काम करती है । देश-विदेश के यात्रि व पर्यटक इसी मार्ग का प्रयोग करते हैं । ऐसे में इस महत्वपूर्ण सड़क पर किया जा रहा कार्य गुणवत्तापूर्ण न होने के कारण स्थानीय लोगों के अलावा देश विदेश से आने वाले लोगों के लिए भी खतरे का सबब बन सकती है ।

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