काशीपुर :आरओबी निर्माण में देरी पर दीपक बाली ने विधायक को लिया आड़े हाथों, फरवरी 2021 तक भी पूरा होने की संभावना नहीं

@शब्द दूत ब्यूरो

काशीपुर।  अक्सर जन प्रतिनिधि और सरकार किसी योजना या कार्य के शुरू होने के समय बढ़ चढ़ कर उसका श्रेय लेने की घोषणा करते हैं और खुद की पीठ खुद ही ठोकते रहते हैं।यह बात काशीपुर के ओवर ब्रिज निर्माण को लेकर सही साबित हो रही है। यहाँ बन रहे रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण की शुरुआत का श्रेय भाजपा सरकार और खासकर यहाँ से भाजपा विधायक हरभजन सिंह चीमा ने जोर शोर से खुद को देते हुए जनता की वाहवाही लूटी लेकिन तीन साल से कछुआ गति से चल रहे इस रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण में देरी का श्रेय लेने के मामले में विधायक चीमा पीछे चल रहे हैं। हां देरी का खामियाजा यहाँ की जनता यहाँ के कारोबारी को भुगतना पड़ रहा है।

अब इधर आम आदमी पार्टी नेता दीपक बाली ओवर ब्रिज निर्माण में देरी से हो रही परेशानियों को लेकर आगे आये हैं।  दीपक बाली जनता के लिए जी का जंजाल बना ओवरब्रिज में देरी को लेकर संबंधित विभाग के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही के लिए हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। दरअसल पिछले दिनों भाजपा विधायक के कुछ बयानों पर दीपक बाली ने यह आशंका व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि स्थानीय विधायक के मीडिया में छपे बयानों से संज्ञान में आया है कि अब रेलवे द्वारा ओवरब्रिज के निर्माण में नया अड़ंगा डाल दिया गया है जिससे काशीपुर की जनता की मुसीबतें और बढ़ जाएंगी । समझ में नहीं आ रहा कि रेलवे अब ऐसा क्यों कर रहा है?केंद्रीय भूतल परिवहन विभाग द्वारा ओवरब्रिज निर्माण की स्वीकृति देते समय क्या रेलवे ने अपनी सहमति नहीं दी थी? और दी थी तो अब अड़ंगा बाजी क्यों? रेलवे को माननीय उच्च न्यायालय को जवाब देना पड़ेगा ।

ओवरब्रिज बनने से शहर और क्षेत्र की जनता तो परेशान है ही साथ ही निर्माण क्षेत्र के दुकानदारों का कारोबार पूरी तरह बर्बाद हो गया है और ऊपर से वे बीमार हो गए अलग। वर्षों से बन रहे ओवरब्रिज में यदि और दो-तीन साल लगेंगे तो क्षेत्र की परेशान जनता और बर्बाद हुए दुकानदारों को बचाने के लिए इस ओवरब्रिज को धराशाई करना ज्यादा बेहतर रहेगा ।आप नेता श्री बाली ने कहा है कि ओवरब्रिज निर्माण की समय सीमा माननीय हाईकोर्ट ने तय की थी फिर अब रेलवे द्वारा इसके निर्माण में व्यवधान क्यों? बाली के मुताबिक  विधायक जी का बयान सही है तो काशीपुर की जनता सत्ता की कुर्सी पर बैठे नेताओं से सवाल पूछे कि यह सब क्या और क्योंहो रहा है? वे दिल्ली जाकर अपनी केंद्र सरकार से ओवरब्रिज निर्माण की बाधाएं दूर कराएं ।श्री बाली कहते हैं कि विकास के नाम पर बन रहा ओवरब्रिज अब शहर वासियों को विनाश का सूचक लगने लगा है । वे फरवरी 2021 का इंतजार कर रहे हैं उसके बाद फिर काशीपुर और क्षेत्र की जनता के हित मेंमाननीय हाईकोर्ट में दस्तक देंगे । ओवरब्रिज निर्माण के चलते पूरे शहर का जनजीवन अस्त व्यस्त है और आलम यह है कि मुख्य मार्गों पर जाम लगे रहने सेगंभीर रोगियों और प्रसव हेतु अस्पताल जाने वाली गर्भवती मां बहनों को भयंकर परेशानियां झेलनी पड़ रही है। लगातार तीन साल से नगर जाम से जूझ रहा है क्योंकि ब्रिज बनने के कारण निकलने के लिए जगह नहीं बची है। कई बार सड़क के गड्ढे भरने की मांग उठाई जा चुकी है, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है। जनप्रतिनिधियों के सिर्फ वादे हैं। कब हकीकत बनेंगे पता नहीं, लेकिन लगातार निर्माण में हो रही लापरवाही नगर के नासूर बनती जा रही है। इस परेशानी से कब छुटकारा मिलेगा जवाब देने वाला कोई नहीं है। जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी से भागते हुए दिखाई दे रहे हैं। तीसरा कार्य विस्तार खत्म होने वाला ओवरब्रिज निर्माण की नीव साल 2017 में डाली गई। कागजों के अनुसार निर्माण शुरू 18 नवंबर 2017 को शुरू किया गया और इसे 17 नवंबर 2019 यानी दो साल में पूरा हो जाना था, लेकिन बिडंवना है कि तीसरा साल बीतने वाला है। पहली समय सीमा बीती और दूसरी भी बीत गई। अब तीसरी समय सीमा 17 नवंबर 2020 भी बीत गई और अब तो न्यायालय में निर्माण दायी संस्था द्वारा मागी गई समय सीमा भी नजदीक आ रही है लेकिन  निर्माण अब भी पूरा होने की संभावना नहीं है। जिम्मेदार जवाब देने से बच रहे हैं।

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