मंगल ग्रह से आया ‘असाधारण’ बच्चा, मानव जाति को बचाने के लिए धरती पर लिया ‘पुनर्जन्म’, किए चौंकाने वाले दावे

बच्चे के दावों ने सभी को इसलिए हैरान कर दिया है क्योंकि स्पेस को लेकर उसका ज्ञान अद्भुत है। उसका कहना है कि मानव जाति को तबाही से बचाने के लिए उसने पृथ्वी पर ‘पुनर्जन्म’ लिया है।

@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (10 नवंबर, 2021)

रूस के एक बच्चे ने कुछ ऐसे दावे किए हैं जिन पर विश्वास करना मुश्किल है। मीडिया रिपोर्ट्स में इसे ‘चाइल्ड जीनियस’ कहा जा रहा है जिसने जानकारों को हैरान कर दिया है। यह बच्चा दावा कर रहा है कि वह मूलतः मंगल ग्रह का निवासी है और पृथ्वी पर उसका ‘पुनर्जन्म’ हुआ है। रूस के वोल्गोग्राड के रहने वाले बोरिस्का किप्रियानोविच का कहना है मानव के रूप में अपना नया जीवन शुरू करने से पहले वह लाल ग्रह पर ‘मंगल ग्रह के निवासी’ के रूप में रहता था।

एक पत्रिका की रिपोर्ट के मुताबिक अंतरिक्ष को लेकर उसकी असाधारण जानकारी ने दुनियाभर के वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है। वर्ष 2017 में यह बच्चा पहली बार सामने आया था जब उसने 11 साल की उम्र में पृथ्वी को लेकर कुछ चेतावनियां जारी की थीं। उसने दावा किया कि हजारों साल पहले एक न्यूक्लियर संघर्ष में उसकी प्रजाति का समूल विनाश हो गया था। और हमारी पृथ्वी भी अब उसी दिशा में आगे बढ़ रही है। बोरिस्का ने कहा कि पृथ्वीवासियों को भी ‘उसके लोगों’ की तरह तबाही का सामना करना पड़ेगा। उसने कहा कि उसे मानव जाति को बचाने के लिए एक मिशन पर यहां भेजा गया था।

बोरिस्का बताता है कि उसे ‘याद है’ कि वह मंगल ग्रह पर पायलट था और एक युद्ध में अपने ग्रह के तबाह होने के बाद उसने पृथ्वी की यात्रा की थी। उसने दावा किया कि अभी भी मंगल पर कुछ लोग मौजूद हैं। उसने कहा कि मानव जाति को तबाही से बचाने के लिए उसने ‘अन्य लोगों’ के साथ पृथ्वी पर पुनर्जन्म लिया था। बोरिस्का के दावे यहीं नहीं रुके, उसने कहा कि मंगल पर कुछ लोग अमर हैं और 35 साल की उम्र के बाद उनकी उम्र बढ़ना बंद हो जाती है।

बच्चे ने कहा कि मंगलवासी शारीरिक रूप से बहुत लंबे और तकनीकी रूप से बेहद उन्नत होते हैं। वे अंतरिक्ष की यात्रा करने में सक्षम होते हैं। उसने कहा कि जब मैं 14-15 साल का था तो मुझे याद है कि मंगल पर युद्ध चल रहा था। इसलिए अक्सर मुझे अपने एक दोस्त के साथ हवाई हमले में भाग लेना पड़ता था। मंगल ग्रह के अंतरिक्ष यान गोल और बहुत जटिल हैं। बोरिस्का की मां ने कहा कि उनका बच्चा जन्म से ही अलग है क्योंकि पैदा होने के सिर्फ दो हफ्ते बाद ही उसने बिना किसी सहारे के अपना सिर उठा लिया था।

डॉक्टरों ने कहा कि वह कुछ महीनों में बोलने लगा था और सिर्फ डेढ़ साल की उम्र में वह पढ़ और पेंट करने लगा था। पढ़ाई शुरू करने के बाद उसकी मैमोरी पावर ने टीचरों को चौंका दिया था। माता-पिता ने कहा कि उन्होंने कभी बोरिस्का को खासतौर पर स्पेस के बारे में शिक्षा नहीं दी। इसके बावजूद वह अक्सर मंगल ग्रह, एलियंस और स्पेस में हैरान करने वाली बातें करता है। शोधकर्ताओं ने उसे औसत से अधिक दिमाग वाला बेहद शर्मिला बच्चा बताया है।

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