काशीपुर विधानसभा :भाजपा और कांग्रेस के असंतुष्ट नेता और आम आदमी पार्टी? एक दिलचस्प समीकरण

विनोद भगत

काशीपुर । काशीपुर विधानसभा में भाजपा और कांग्रेस के नेताओं को दशकों से इंतजार है। इंतजार इस बात का कि उन्हें क्षेत्रीय जनता का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिले। लेकिन दोनों ही दलों के तमाम नेता बाट जोहने में लगे हुए हैं। इस बार काशीपुर में दिलचस्प समीकरण बनने जा रहे हैं। 

बात करें विधानसभा में प्रतिनिधित्व का तो कांग्रेस के लिये तो लगभग तीन दशकों से सूखा पड़ा है वहीं भाजपा की अगर बात करें तो अकाली  दल गठबंधन की वजह से भाजपा के नेता सिर्फ पार्टी के प्रति निष्ठा और अनुशासन के चलते झंडा बुलंद किये हैं। यह बिडम्बना है कि गठबंधन टूटने के बावजूद इस बार भी लोगों को इस बात की उम्मीद कम ही है कि टिकट भाजपा के मूल नेता को मिल पाये। हालांकि मौजूदा विधायक हरभजन सिंह चीमा भाजपा के भी सदस्य हैं पर अकाली दल के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। 

भाजपा के असंतुष्ट और कांग्रेस की लगातार हार से निराश व पार्टी में अपनी उपेक्षा से त्रस्त नेताओं की बढ़ती संख्या दोनों राष्ट्रीय दलों के लिए इस बार खतरे का संकेत बनने जा रही है। ऐसे में कोई विकल्प न होने की वजह से असंतुष्ट लोगों की विवशता थी कि वह अपने-अपने दलों में बने रहें। पर अब परिस्थितियों में बदलाव हुआ है। विकल्प के रूप में में एकाएक सुर्खियों में आये आम आदमी पार्टी नेता दीपक बाली बड़ी तेजी से इन लोगों की पसंद बनते जा रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता तो खुलकर दीपक बाली की वकालत करते नजर आ रहे हैं। इनमें से कुछ तो सीधे आम आदमी पार्टी में शामिल हो गये हैं और इससे भी बड़ी संख्या उन नेताओं की है जो चुनाव से काफी पहले दीपक बाली के समर्थन में जनता के बीच जाकर माहौल बनाने में लगे हुए हैं। 

इसका एक कारण यह भी है कि जिन राजनीतिक ऊंचाइयों तक तक पहुंचने में काफी समय लगता है दीपक बाली जल्द ही उस मुकाम को हासिल करने की ओर अग्रसर हो गये हैं। एक मामूली कार्यकर्ता के रूप में शामिल होने के बाद दो महीने में प्रदेश उपाध्यक्ष बनने का सफर यह बतलाता है कि अपनी कार्यकुशलता से यह पद जिसने हासिल किया वह शहर के लोगों की विकास की भूख को शांत करने के लिए एक सक्षम व्यक्ति के रूप में उभर कर आया है।

ऐसा नहीं कि आम आदमी पार्टी में सिर्फ पद हासिल करने की लालसा दीपक बाली के भीतर है। अपने शहर के लोगों की समस्याएं और थमे विकास के पहिये को रवां करना उनकी पहली प्राथमिकता में है। क्षेत्र के लोगों ने दीपक बाली के द्वारा कराये गये कार्यों को देखा है। जो जिम्मेदारी एक जनप्रतिनिधि की होनी चाहिए वह दीपक बाली ने निभाई। 

इधर जनता के साथ साथ पार्टी में भी अपनी बेहतर छवि बनाने में  बाली ने सिद्ध कर दिया कि वे केवल काशीपुर विधानसभा सीट पर ही नहीं बल्कि उधम सिंह नगर कहे या फिर तराई की नौ की नौ सीटों पर अपना वर्चस्व रखते हैं। शहर के लोगों में भी इस भावना का संचार हो रहा है कि लो, अब हमारे काशीपुर के विकास का अज्ञातवास भी खत्म होने जा रहा है। लोग आश्चर्यचकित हैं कि एक सीधे-साधे व्यवसायी में इतना बेहतर राजनीतिक व्यक्तित्व भी छिपा हुआ है।

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