अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव: भारतीय मूल के चारों डेमोक्रेट सांसद दोबारा निर्वाचित

@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो

अमेरिकी कांग्रेस के निचले सदन प्रतिनिधि सभा के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े भारतीय मूल के चारों प्रत्याशियों – डॉ.एमी बेरा, प्रमिला जयपाल, रो खन्ना और राजा कृष्णमूर्ति ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर जीत दर्ज की है। अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव में भारतीय-अमेरिकी समुदाय पहली बार एक बड़ी ताकत बनकर उभरा है।

फ्लोरिडा, जॉर्जिया, मिशिगन, नार्थ कैरोलिना, टेक्सास और पेनसिल्वेनिया जैसे कांटे की लड़ाई वाले राज्यों में जीत के लिए इस समुदाय के मत अहम हैं। भारतीय मूल के सांसदों के समूह को कृष्णमूर्ति अनौपचारिक रूप से ‘समोसा कॉकस’ कहते हैं और इस चुनाव में इस समूह में कम से एक सदस्यों की वृद्धि की पूरी संभावना है क्योंकि डॉ. हीरल तिपिरनेनी की एरिजोना के छठे कांग्रेस निर्वाचन क्षेत्र में रिपब्लिकन उम्मीदवार डेविड श्वेकर्ट पर अंतिम सूचना मिलने तक बढ़त बनी हुई थी।

अगर 52 वर्षीय हीरल निर्वाचित होती हैं तो प्रतिनिधिसभा पहुंचने वाली भारतीय मूल की दूसरी महिला होंगी. जयपाल पहली महिला हैं जो 2016 में प्रतिनिधिसभा के लिए निर्वाचित हुई थीं. ‘समोसा कॉकस’ में इस समय पांच भारतीय-अमेरिकी सांसद हैं जिनमें से चार प्रतिनिधिसभा के सदस्य हैं जबकि पांचवी सदस्य सीनेटर कमला हैरिस (56) हैं। हैरिस इस चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार हैं।

कृष्णमूर्ति (47) ने आसानी से लिबरटेरियन पार्टी उम्मीदवार प्रेस्टन नेल्सन (30)को हरा दिया। अंतिम सूचना मिलने तक उन्हें कुल गिने गए मतों के करीब 71 प्रतिशत मत मिले थे। रो खन्ना ने आसानी से अपने भारतीय मूल के प्रतिद्वंद्वी और रिपब्लिकन पार्टी के प्रत्याशी रितेश टंडन (48) को हराया।

उन्होंने करीब 50 प्रतिशत मतों से जीत दर्ज की। खन्ना लगातार तीसरी बार कैलिफोर्निया के 17वें निर्वाचन क्षेत्र से विजयी हुए हैं. समोसा कॉकस में सबसे वरिष्ठ सदस्य डॉ. एमी बेरा (55) ने आसानी से पांचवी बार कैलिफोर्निया के सातवें कांग्रेस निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज की। आखिरी सूचना मिलने तक वह अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी 65 वर्षीय बज पैटरसन पर 25 प्रतिशत मतों की अजेय बढ़त बना चुके थे।

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