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8 दिसंबर के किसानों के “भारत बंद” को पौड़ी गढ़वाल में वामपंथी पार्टी माकपा, भाकपा (माले) व ट्रेड यूनियन सीटू, एक्टू का समर्थन

पौड़ी गढ़वाल।  कृषि कानूनों की वापसी सहित सात सूत्री मांगों पर किसान संगठनों के राष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त फोरम “अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति” के आह्वान पर आगामी 8 दिसंबर के भारत बंद को वामपंथी पार्टियों व ट्रेड यूनियन के नेताओं, पौड़ी में एक बैठक कर सक्रिय समर्थन देने का निर्णय किया है। 

माकपा जिला सचिव कामरेड सुरेंद्र रावत की ओर से बयान जारी कर कहा गया कि मोदी सरकार तीनों किसान विरोधी काले कानून वापस ले, विद्युत अमेंडमेंट एक्ट 2020 ख़त्म करे।

भाकपा-माले की ओर से कामरेड भार्गव चन्दोला ने बयान जारी करके यह जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि, “पहले तो मोदी सरकार ने दमन अभियान चलाकर किसानों को डराना चाहा, फिर तरह-तरह का दुष्प्रचार अभियान चलाया गया और अब वार्ता का दिखावा किया जा रहा है।सरकार के दमनात्मक व नकारात्मक रुख के कारण अब तक तीन किसानों की मौत हो चुकी है।

दो दौर की हुई वार्ता असफल हो चुकी है क्योंकि सरकार कानूनों को वापस लेने की मांग पर तैयार नहीं है। ये कानून पूरी तरह से खेती-किसानी को चौपट कर देने वाले तथा खेती को काॅरपोरेट घरानों के हवाले कर देने वाले हैं। देश के किसान इन कानूनों को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। पंजाब से आरंभ हुआ आंदोलन अब देश के दूसरे हिस्सों में भी फैल रहा है. सरकार को यह असंवैधानिक कानून रद्द करना ही होगा”

ट्रेड सीटू ज़िला महामंत्री देवानंद नौटियाल ने कहा कि, “भारत बंद में तीनों काले कृषि कानूनों को रद्द करने के साथ-साथ प्रस्तावित बिजली बिल की वापसी , न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी दर पर फसल खरीद की गारंटी, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की भी मांग प्रमुखता से उठाई जाएगी। “

भाकपा माले के कामरेड विनोद चमोली ने कहा कि, “उत्तराखंड में त्रिवेन्द्र रावत की भाजपा सरकार की नीतियों के चलते राज्य की खेती चौपट और किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं, लेकिन भाजपा सरकार ने कभी भी इसकी चिंता नहीं की। ” हमारी मांग है कि, “सरकार तत्काल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सभी किसानों के धान खरीद की गारंटी करे। “

माकपा, भाकपा (माले) ने जनता से अपील करते हुए कहा कि, “कृषि प्रधान देश में यदि किसान ही नहीं बचेंगे, तो देश कैसे बचेगा? इसलिए समाज के सभी लोग इस आंदोलन का समर्थन करें और इसका विस्तार शहरों कस्बों से लेकर दूर-दराज के गांवों तक करें। “

अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के समर्थन में प्रेस रिलीज जारी करने वालों में ट्रेड यूनियन सीटू से कामरेड देवानंद, सीपीएम से कामरेड सुरेंद्र रावत, सीपीआईएमएल से कामरेड विनोद चमोली, कामरेड भार्गव चन्दोला, अशोक बौड़ाई, ऋषि कुमार आदि शामिल हैं।

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