सनसनीखेज : डीआईजी के फालोवर ने फांसी लगाईं, पत्नी और बेटे की भी हत्या, पुलिस लाइन के सरकारी क्वार्टर में हुई वारदात

शब्द दूत ब्यूरो

प्रयागराज । यहाँ एक ह्रदयविदारक घटना में एक परिवार के तीन सदस्यों के शव खून से लथपथ पाये गये। डी आई जी  रेंज कार्यालय में तैनात एक फॉलोअर, उसकी पत्नी और बड़े बेटे का शव उनके पुलिस लाइन स्थित क्वॉर्टर में मिला। पत्नी और बेटे का शव खून में लथपथ था, जबकि फॉलोअर का शव पंखे से लटकता मिला। घर पहुंचे उनके छोटे बेटे ने पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने तीनों के शव कब्जे में लेने के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए और छानबीन शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार पुलिस लाइंस के टाइप ए क्वॉर्टर में रहने वाले बाल गोविंद (50) डीआईजी रेंज कार्यालय में फॉलोअर के रूप में तैनात थे। उनके साथ पत्नी चंद्रावती (45), बड़ा बेटा सुनील (28) और छोटा बेटा भारत (25) रहते थे। सोमवार की देर शाम भारत जब काम से लौटा तो कमरे में मां चंद्रावती और बड़े भाई सुनील का शव उसे खून में लथपथ मिला, जबकि पिता बाल गोविंद का शव छत से लटक रहा था। यह देख उसके होश उड़ गए। उसने तुरंत घटना की सूचना पुलिस को दी।

मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की। पुलिस के अनुसार ऐसा लग रहा है कि बाल गोविंद ने दोनों की हत्या करने के बाद खुद को फांसी लगा ली।  पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी। 

दिल दहलाने वाली घटना के पीछे क्या कारण है। यह पूरी तरह से अभी तक साफ़ नही हो सका है। लेकिन आधी रात के बाद तक खोज बीन में जुटी रही। वहीं पुलिस लाइन में हुए इस वारदात ने पुलिस के अधिकारियों  की नींद उड़ा दी है।

जानकारी के मुताबिक पत्नी चंदा और उसके बेटे सुनील के सर पर किसी भारी चीज से वार करके उनकी हत्या की गई थी। जबकि फॉलोवर की लाश फांसी के फंदे पर लटकी हुई मिली। पुलिस की मानें तो आशंका है कि पत्नी बेटे की हत्या करने के बाद फॉलोअर ने अपनी जान दे दी है ।देर रात पुलिस के आला अधिकारियों के सामने फॉलोवर सहित तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया  गया। देर रात तक फॉरेंसिक टीम जांच पड़ताल में जुटी रही।

गोविंद नारायण जालौन की रहने वाले थे 1994 से ही अपने परिवार के साथ पुलिस लाइन की टाइप वन कालोनी में गोविंद नारायण पहली मंजिल पर रहा करते थे। गोविंद के छोटे बेटे भरत के अनुसार वह उसका बड़ा भाई सुनील पिता गोविन्द माँ चंदा यहां रहा करते थे। भरत सुबह अपने काम पर चला गया था। जबकि मां और बड़ा भाई घर पर ही थे। भरत के मुताबिक़ उसका बड़ा भाई सुनील मानसिक बीमार था। जिसको लेकर उसके पिता परेशान रहा करते थे, वह बहुत तनाव में थे।

मौके पर डीआईजी एडीजी एसएसपी सहित आसपास तैनात अन्य पुलिसकर्मी भी पुलिस लाइन पहुंचे। पड़ोसियों और पुलिसकर्मियों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया। जिसके बाद घर के अंदर गोविंद नारायण का शव फांसी पर लटकता मिला और पत्नी चंदा उनके बड़े बेटे सुनील का शव खून से लथपथ घर में मिला।

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