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काशीपुर : पक्षियों ने “इंसानियत” की मिसाल पेश की, घायल दुर्लभ नीलकंठ पक्षी की तलाश में पहुंचे, ग्राम गोपीपुरा की घटना

घायल नीलकंठ पक्षी जिसकी आंख से रक्त बह रहा(काशीपुर में प्रमोद तोमर के गोपीपुरा स्थित फार्म हाउस पर) 

काशीपुर । नगर में दुर्लभ पक्षी नीलकंठ पक्षी दिखाई दिया। ग्राम गोपीपुरा में प्रसिद्ध उद्योगपति प्रमोद तोमर  के फार्म में घायल अवस्था में आ गिरा। पक्षी की आंख में गहरा घाव था जिससे रक्त बह रहा था। उसकी हालत देखकर प्रमोद तोमर के परिजनों ने घायल पक्षी का उपचार किया। अगले दिन घायल नीलकंठ पक्षी के साथी भी उड़ते हुए दिखाई दिये। संभवतः यह दोनों पक्षी अपने बिछुड़े साथी की तलाश में थे। श्री तोमर ने बताया कि वह घायल नीलकंठ पक्षी को वन विभाग के हवाले करने जा रहे थे। लेकिन जब उन्होंने घायल नीलकंठ की खोज में आये उसके साथियों को देखा तो नीलकंठ को छोड़ दिया। छोड़ते ही घायल नीलकंठ पंख फड़फड़ा कर अपने साथियों के साथ उड़ गया। 

प्रमोद तोमर ने बताया कि नीलकंठ पक्षी काफीदुदुर्लभ पक्षी माना जाता है। इंडियन रोलर को भारत के 3 राज्यों ने अपना राज्य पक्षी घोषित किया है। यह राज्य कर्नाटक, ओडिशा और तेलंगाना है। यह एक बहुत ही सुंदर पक्षी होता है, इसक मुख्य पंख नीले रंग के होते हैं, यह एक शाकाहारी पक्षी है। यह घास के मैदानों, जंगल, और खेतों में पाया जाता है। कभी कभी यह गावों के आसपास और शहरों के किनारों पर भी दिखाई दे जाता है। नीलकंठ पक्षी को खुले मैदान पसंद है। 

नीलकंठ घने जंगलों के बजाय, जंगल के किनारों पर रहना पसंद करता है। इसका आकार 25 से 35 सेंटीमीटर होता है। नीलकंठ का वजन 70 ग्राम से लेकर 100 ग्राम तक हो सकता है। नर और मादा लगभग एक से ही दिखाई देते हैं। नीलकंठ सामान्यतः बीज, दाने कीट पतंगे, छोटे सरीसृप खाता है। 

नीलकंठ का प्रजनन काल फरवरी से लेकर मई के महीने तक होता है, नीलकंठ अपना घोसला 3 से 9 मीटर की ऊंचाई पर बनाता है, घोंसला बनाने के लिए यह पेड़ों की टहनियों, पत्तियों जड़ों और घास का उपयोग करता है, इसकी घोसले का आकार किसी कप के जैसा होता है।

 नीलकंठ रोलर वर्ग का पक्षी है। यह मुख्यतः उष्णकटिबन्धीय क्षेत्रों में पाया जाता है जिसमें पश्चिमी एशिया से भारतीय उपमहाद्वीप तक शामिल हैं। इसे आईयूसीएन लाल सूची में अल्पतम चिन्ता की स्थिति में सूचीबद्ध किया गया है। यह पक्षी मुख्य रूप से प्रजनन के मौसम में नर की हवाई कलाबाजी के लिए जाना जाता है।

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