Breaking News

काशीपुर में अनियंत्रित डंपर ने ली युवक की जान,

काशीपुर । अनियंत्रित डंपर ने ड्यूटी जा रहे युवक को कुचल दिया जिससे उसकी घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस के समय पर न पहुंचने से लोग उग्र हो गए और मृतक का शव राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्टेडियम के पास रखकर जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलते ही पुलिस के हाथ पांव फूल गये तब आनन-फानन में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पर पहुंचे।

मानपुर निवासी संदीप पुत्र हरस्वरूप (24  वर्ष) आज सुबह महुआखेडागंज स्थित फैक्ट्री में ड्यूटी के लिए सुबह घर से बाइक लेकर निकला वह जैसे ही स्टेडियम और मानपुर रोड जोड़ने वाली सड़क पर पहुंचा कि एक बाइस टायरा डंपर संख्या यूपी 21 सी एन 5319 ने उसे पीछे से कुचल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक को कुचलने के बाद डंपर चालक रूका नहीं और फरार हो गया कुछ लोगों ने डंपर का पीछा कर उसे धनोरी के पास रोक लिया। हालांकि चालक भाग गया।

मृतक संदीप फाइल फोटो

युवक का शव काफी देर तक घटनास्थल पर पड़ा रहा। बाद में उसे राजकीय चिकित्सालय ले जाया गया। जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया। काफी देर तक सूचना देने के बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंच तो लोगों में आक्रोश फैल गया और युवक का शव स्टेडियम के पास तिराहे पर रखकर आक्रोशित लोगों ने जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलते ही पुलिस के हाथ पांव फूल गये। लोगों की मांग थी कि डंपर मालिक को बुलाया जाये। जाम की वजह से रामनगर रोड वाहनों की कतार लग गयी। सुबह का समय होने की वजह से स्कूलों की बसें इस जाम में फंस गई।

दुर्घटना कर भागा डंपर धनौरी में पकड़ा गया

कोतवाल चन्द्रमोहन सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन आक्रोशित लोगों में पुलिस को लेकर गुस्सा था। बाद में एएसपी डा जगदीश चन्द्र भी जाम स्थल पर आये और जाम खुलवाने के लिए लोगों को समझाया। लेकिन दुर्घटना में मोत से लोगों में तीव्र आक्रोश था। एक घंटे तक वहां अफरा-तफरी मची रही। मानपुर क्षेत्र के कुछ लोगों ने किसी तरह जाम खुलवाने को लोगों को राजी कर लिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। हालांकि कुछ लोग पुलिस और नेताओं को कोसते हुये जाम स्थल के पास ही डटे रहे। शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाये जाने से पुलिस को कुछ राहत मिली।

जाम खुलवाने पहुंचे पुलिस अधिकारी

मृतक संदीप काफी हंसमुख व मिलनसार था। वह महुआखेडागंज में सूर्या बल्ब बनाने वाली कंपनी में काम करता था। उसके छोटे भाई सचिन का कुछ समय पहले एक्सीडेंट होने की वजह से वह अपंग है। जबकि संदीप का बड़ा भाई नेवी में कार्यरत है। एक सबसे छोटा भाई देवकीनंदन अभी पढ रहा है। चार भाई और दो बहनों में से संदीप दूसरे नंबर का था।

 

Website Design By Mytesta +91 8809666000

Check Also

उत्तराखंड में कोविड काल में सेवा देने वाली आंगनबाडी व आशा कार्यकत्रियों को दस – दस हजार रुपये दिये जायेंगे :त्रिवेन्द्र सिंह रावत

🔊 Listen to this गैरसैंण । अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर गैरसैंण के किसान मेला …