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उत्तराखंड के शहरों में सन्नाटा जनता कर्फ्यू के दौरान, राज्य में लॉक डाउन घोषित, देखिये वीडियोे और तस्वीरों में

देहरादून ।  सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आगामी 31 मार्च तक प्रदेश में लॉ़क डाउन घोषित कर दिया है। पुलिस विभाग और अन्य अधिकारियों की आपात बैठक कर उन्होंने ये फैसला लिया। उनका कहना है कि आपात सेवाएं और खाद्य आपूर्ति सुचारू रहेंगी।

काशीपुर में सड़कों पर सुबह से ही सन्नाटा देखने को मिला। रोडवेज और रेलवे स्टेशन सूने पड़े रहे। डाक्टर लाइन मेन बाजार रामनगर रोड पर वीरानगी छायी रही। अलबत्ता नगरनिगम के  सफाई कर्मी अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद रहे। पुलिस अधिकारी भी सड़कों पर घूम कर स्थिति का जायजा लेते दिखाई दिये। 

उधर आज सुबह सात बजे पूरे देश के साथ उत्तराखंड के सभी शहरों में सन्नाटा छाया रहा। इक्का दुक्का लोग ही सड़कों पर दिखाई दिये।

कोरोना के खिलाफ जंग के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता क‌र्फ्यू की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि रविवार को सुबह सात से रात नौ बजे के बीच लोग घरों से नहीं निकलें। 

अधिवक्ता अंबरीश अग्रवाल बता रहे हैं कि क्या होता है लॉकडाउन?

लॉकडाउन एक इमर्जेंसी व्यवस्था होती है। अगर किसी क्षेत्र में लॉकडाउन हो जाता है तो उस क्षेत्र के लोगों को घरों से निकलने की अनुमति नहीं होती है। जीवन के लिए आवश्यक चीजों के लिए ही बाहर निकलने की अनुमति होती है। अगर किसी को दवा या अनाज की जरूरत है तो बाहर जा सकता है या फिर अस्पताल और बैंक के काम के लिए अनुमति मिल सकती है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों की देखभाल के काम से भी बाहर निकलने की अनुमति मिल सती है।

किसी तरह के खतरे से इंसान और किसी इलाके को बचाने के लिए लॉकडाउन किया जाता है। जैसे कोरोना के संक्रमण को लेकर कई देशों में किया गया है। कोरोनावायरस का संक्रमण एक-दूसरे इंसान में न हो इसके लिए जरूरी है कि लोग घरों से बाहर कम निकले। बाहर निकलने की स्थिति में संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा। इसलिए कुछ देशों में लॉकडाउन जैसी स्थिति हो गई

राजधानी देहरादून में जनता कर्फ्यू का सुबह सात बजे से ही असर दिखने लगा। सड़कें दिखाई दे रही हैं। मुख्‍य मार्गों पर पसरा सन्‍नाटा पसरा रहा। प्रेमनगर मुख्य चौक पर भी सुनसानी छायी रही। सुबह चार बजे से खुल जाने वाली चाय नाश्ते की दुकानें भी बंद पड़ी हैं। धर्मपुर बाजार में 20 साल से दुकानों में अखबार बांट रहे हरमीत कर्फ्यू के चलते बंद दुकान के बाहर बैठकर अखबार पढ़ते नजर आए। उधर, लच्छीवाला डोईवाला देहरादून मुख्य मार्ग पर सड़कों पर पसरा सन्नाटा इक्का-दुक्का वाहनों को छोड़कर राजधानी को जोड़ने वाला यह मुख्य मार्ग सूना नजर आया। इस मुख्य मार्ग पर ऋषिकेश हरिद्वार जगहों से राजधानी की ओर आने वाले वाहनों की आवाजाही लगी रहती है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनता कर्फ्यू के आह्वान के चलते यह मुख्य हाईवे मार्ग रविवार को वीराने के रूप में दिखाई दिया।

नैनीताल की माल रोड, बड़ा बाजार, जय लाल साह बाजार, तल्लीताल व मल्लीताल बाजार पूरी तरह बंद है। शहर में पुलिस के वाहन गश्त कर रहे हैं। बेहद व्यस्ततम मल्लीताल व तल्लीताल रिक्शा स्टैंड में भी सुनसानी छाई है। सुबद साढ़े आठ बजे शहर में इक्का दुक्का लोग दिखाई दिए, जिन्हें पुलिस ने घर भेज दिया। प्रशासन के आदेश पर फड़ खोखे, झील में नौकायन, बारापत्थर में घुड़सवारी बंद हैं। बस स्टेशन में सन्नाटा पसरा है। जनता कर्फ्यू का असर हल्द्वानी में भी दिख रहा है। बेस अस्पताल से लेकर इमरजेंसी में सन्नाटा पसरा हुआ है। वहीं सड़कों पर भी आवाजाही बिल्कुल बंद है। इक्के दुक्के लोग ही सड़कों पर घूमते हुए दिखाई पड़ रहे हैं। सबसे अधिक व्यस्त रहने वाले नैनीताल रोड पर भी लोग नजर नहीं आ रहे हैं। दुकानें बंद हैं। यहां तक कि अधिकांश किराना स्टोर भी बंद है। लोग घरों में रहकर ही सोशल मीडिया के जरिए एक-दूसरे से जनता कर्फ्यू को सफल बनाने की अपील कर रहे हैं।

हरिद्वार में भी जनता कर्फ्यू का असर देखने को मिला। इसके चलते सड़कें सूनी और बाजार बंद रहे। शहर से सटे ग्रामीण क्षेत्र जमालपुर कला आदि में जनता कर्फ्यू का असर साफ दिखा। इक्का-दुक्का दुकानों को छोड़ अधिकांश बंद रही। सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। भवन निर्माण समेत अन्य कार्य भी बंद हैं। ग्रामीण क्षेत्र बहादराबाद में भी जनता कर्फ्यू को लेकर सभी ने सहयोग दिया है और सुबह से ही क्षेत्र के अधिकांश बाजार और रास्ते सन्नाटे से भरे हुए हैं। केवल जरूरी काम के ही लिए लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं। लालढांग में जनता कर्फ्यू का व्यापक असर दिखा। आम दिनों में सुबह के वक्त भीड़-भाड़ वाले इलाके में पसरा रहा सन्नाटा और सभी दुकानें बंद रही।

हरिद्वार के औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल सहित अधिकांश औद्योगिक क्षेत्रों में स्वत: लॉकडाउन है। करीब 710 औद्योगिक उत्पादन इकाइयों वाले सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र की अधिकांश उत्पादन इकाइयों महिंद्रा हीरो मोटो कॉर्प और आईटीसी जैसी कंपनियों सहित अधिकांश कंपनियों में पूर्ण रूप से जनता कर्फ्यू के समर्थन में बंदी है।

हरिद्वार जिले में बहादराबाद लक्षण रुड़की भगवानपुर सहित अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में कुल मिलाकर 1680 छोटी बड़ी उत्पादन इकाइयां हैं, इनमें से अधिकांश ने जनता कर्फ्यू के समर्थन में बंदी की हुई है। उन्होंने बताया की सिडकुल की करीब 96 फीसद कंपनियों में बंदी है। आवश्यक सेवाओं जैसे दवा, सैनिटाइजर और खानपान से संबंधित उत्पादन इकाइयां ही काम कर रही हैं। कोटद्वार  में सुबह से ही सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। जीएमओयू ने बाहरी क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों की सुविधा के दृष्टिगत बस सेवाएं चलाने का निर्णय लिया था, लेकिन बाहरी क्षेत्रों से भी बसे नहीं पहुंची। इस कारण जीएमओयू ने अपनी बस सेवाएं बंद रखी। जनता कर्फ्यू के दौरान नगर निगम के सफाई कर्मी पूरी तरह मुस्तैद नजर आए। क्षेत्र में जगह-जगह निगम कर्मी सफाई करते दिखे। 

नई टिहरी सहित जिले में जनता कर्फ्यू पूरी तरह लागू किया गया। जिले में बाजार भी पूरी तरह बंद है। सड़कों पर अभी वाहन भी नही चल रहे है। उधर 

 रुद्रप्रयाग जिले में तिलवाड़ा, गुप्तकाशी, उखीमठ व जखोली, केदार घाटी में सभी छोटे बाजार व मुख्य बाजार पूरी तरह बंद, सड़कों पर आम लोग नहीं आ रहे नजर, वाहनों की आवाजाही भी पूरी तरह बंद दिखाई दी। 

 

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