ईवीएम शिफ़्टिंग में चला दिन भर घमासान मनीष वर्मा बनाम रमेश पोखरियाल चुनाव याचिका में हुआ है आदेश

देहरादून/हरिद्वार । आज दिन में उस समय विकट समस्या उतपन्न हो गयी जब केन्द्रीय मंत्री डा रमेश पोखरियाल का चुुनाव निरस्त करने की याचिका पर माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल के प्रथम आदेश के अनुसार ईवीएम को रायपुर स्टेडियम से हरिद्वार शिफ्ट किया जाना था ।

हुआ यूं कि जब जंगले वाले केज को हटाकर स्ट्रांग रूम का ताला खोला जाना था तो 2 में से एक ताला तो खुल गया पर सील बन्द लिफाफे में दूसरे ताले की चाबी ही नही निकली और तब शुरू हुआ प्रत्याशियों व याचिका कर्ता मनीष वर्मा का डा निशंक पर आरोपो का दौर तथा बीच मे कार्य को 3 घन्टे स्थगित कर दिया गया ।

इससे पहले भाजपा नेता व वरिष्ठ पत्रकार मनीष वर्मा ने निशंक पर झूठा शपथ पत्र देने के गंभीर आरोप लगाए थे । चुनाव याचिका में मनीष वर्मा ने निशंक के स्टूर्डिया घोटाले,कुम्भ घोटाला,एन आर एच एम घोटाला ,जल विद्युत परियोजना घोटाला , अपनी जमीन आवंटन को शपथ पत्र में न बताना तथा राज्य सरकार की पूर्व मुख्यमंत्री देनदारी को शपथ पत्र में न बताना व गलत अदेयता प्रमाण पत्र लगाना आदि आरोप लगाए गए है। 

मनीष वर्मा की याचिका में  कहा गया कि कोलंंबो से प्राप्त फर्जी डॉक्टरेट डिग्री के आधार पर डॉ  पोखरियाल बोल कर शपथ लेने का भी जिक्र किया है। जिस कारण उनका मंत्री पद खतरे में पड़ गया है व सांसदी चुनाव याचिका से खतरे में पड़ गयी है । हालांकि निशंक की ओर से सभी आरोपों को झूठा बताया गया है। 

उधर वरिष्ठ नेताओं को लड़वाकर अपना दुबारा मुख्यमंत्री बनने के सपने को भी पलीता लग गया है क्योंकि भाजपा हाई कमान ने स्पष्ट कर दिया है कि एक आदमी की वजह से राज्य में 2 चुनाव जिसमें एक सांसद और एक विधायक का करवाना पड़ेगा जिससे जनता पर आर्थिक बोझ पड़ेगा इसलिए कोई भी बात फ़ेरबदल से सम्बंधित नही हॉगी । जो जैसा चल रहा है सब ठीक है और सबसे बड़ी बात त्रिवेंन्द्र सिंह रावत पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नही है ।

4 घण्टे की जद्दोजहद के बाद विद्वान ए डी एम (इ) देहरादून रामजी शर्मा के अथक प्रयास से चुनाव कार्यालय देहरादून से डुप्लीकेट तालियां मंगवाई गई और तब जाकर ताला खुला पर यह यक्ष प्रश्न रह गया कि सील लिफाफे में चाबी क्यों नही उस समय निकली ।

वही मनीष वर्मा की ओर से कहा गया  कि निशंक समर्थकों द्वारा मनीष वर्मा को पहले व दुबारा भी धमकी दी गयी तो सुरक्षा के मद्देनजर एडी एम देहरादून को मनीष वर्मा की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई व आज सुबह लव लश्कर के साथ भारी सुरक्षा में मनीष वर्मा रायपुर के लिए रवाना हुए । खबर लिखे जाने तक ईवीएम हरिद्वार के लिए रवाना की जा रही थी ।

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