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आंकलन :उत्तराखंड में कांग्रेस है कहाँ? कुछ पार्टी नेताओं ने निजी समर्थकों की “फौज”बना ली, भाजपा से पार पाना नामुमकिन

 @विनोद भगत 

उत्तराखंड में कांग्रेस भाजपा से चुनावों में मिली हार के बावजूद सबक नहीं ले पा रही है। पार्टी के ही नेता पार्टी की जड़ें खोदने में लगे हुए हैं। दरअसल उत्तराखंड में कांग्रेस के कार्यकर्ता कम है लेकिन कांग्रेस के तमाम नेताओं के निजी समर्थकों की भरमार है।

ये समर्थक कांग्रेस के कहलाने के बजाय पार्टी के कुछ क्षत्रपों के चेले चपाटे बनकर रह गये हैं। ऐसे में पार्टी भले ही गर्त में चली जाये लेकिन पार्टी के उस नेता की साख कम न हो। तमाम ऐसे मौके आये जब राज्य की भाजपा सरकार को घेरने का मौका मिला है। लेकिन इस मामले में भी यह देखा जाता है कि सरकार की नीतियों के विरूद्ध आंदोलन का आह्वान किया किसने है? उसके आधार पर या उसके कहने पर कांग्रेसी आंदोलन में शरीक होता है। इसका परिणाम यह होता है कि बिखरे कांग्रेसियों की संख्या किसी भी शहर में दो अंकों तक भी नहीं पहुंच पाती। जनता भी कांग्रेस के ऐसे आंदोलन से प्रभावित नजर नहीं आती। कांग्रेस के क्षत्रप अपने निजी समर्थकों की संख्या बढ़ाते हैं हकीकत में वह कांग्रेस के समर्थक कम करते हैं। 

वहीं कोरोना संक्रमण के दौरान राज्य के कई कांग्रेस नेताओं पर मुकदमे दर्ज हुये। लेकिन कांग्रेस राज्य में कोई विरोध दर्ज कराने में असफल रही। कांग्रेस पर मित्र विपक्ष होने का आरोप अब उसके ही नेताओं द्वारा लगाये जाने लगा है। 

 पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी ने तो प्रदेश कांग्रेस के नेताओं को एक पत्र लिखकर इशारों ही इशारों में प्रदेश कांग्रेस पर मित्र विपक्ष का आरोप भी लगता दिख रहा है। जोशी ने साफ लिखा है कि मौका मिलने के बाद भी कांग्रेस भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री को बेनकाब नहीं कर सकी।

 प्रकाश जोशी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम को लिखे एक पत्र में कहा है कि देखने में आ रहा है कि वरिष्ठ नेता किसी बात पर एक राय नहीं हो रहे हैं। इससे कार्यकर्ताओं में भी भ्रम की स्थिति बन रही है। इस बारे में राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने और विधायकों का वेतन सीएम राहत कोष में देने जैसी बातों का जिक्र किया गया है।

इस पत्र की प्रतियां प्रदेश प्रभारी अनुग्रह नारायण सिंह, राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष और प्रदेश महामंत्री संगठन विजय सारस्वत को भी भेजी गई है। इस पत्र के बाद प्रदेश कांग्रेस में घमासान और तेज होने के आसार हैं।

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