Breaking News

अंतरिक्ष विज्ञान में अमेरिका को पछाड़ लांच किया कार्टोसैट-3

श्रीहरिकोटा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने कार्टोसैट-3 के साथ अमेरिका के 13 नैनो सैटलाइट्स PSLV c47 लॉन्च कर दिए। PSLV c47 लॉन्च के दौरान इसरो चीफ के. सीवन श्रीहरिकोटा मिशन कंट्रोल कॉम्प्लेक्स में मौजूद रहे। इस दौरान उनके साथ मिशन के इंजिनियर्स और इसरो के टॉप साइंटिस्ट भी मौजूद रहे। चंद्रयान-2 के बाद इसरो का यह पहला मिशन है।

कार्टोसैट-3 को मिलिट्री सैटेलाइट और भारत की आंख भी कहा जा रहा है, जो धरती की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे बड़े स्तर पर मैपिंग की जा सकेगी, जिससे शहरों की प्लानिंग और ग्रामीण इलाकों के संसाधनों का प्रबंधन भी किया जा सकेगा। कार्टोसैट भारत की सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भारतीय सेना अब इस सैटेलाइट के जरिए पाकिस्तानी सेनाओं के अलावा पड़ोसी देशों की हरकत पर नजर रख सकेंगी। खास बात है कि जरुरत पड़ने पर इस सैटेलाइन से एयर स्ट्राइक भी की जा सकेगी।

उल्लेखनीय है कि इसरो ने कार्टोसैट सैटेलाइट आज सुबह 9:28 बजे श्रीहरिकोटा द्वीप पर स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर (SDSC SHAR) के लॉन्चपैड-2 से लॉन्च किया। कार्टोसैट-3 सैटेलाइट पीएसएलवी-सी47 (PSLV-C47) रॉकेट से छोड़ा गया। कार्टोसैट-3 पृथ्वी से 509 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्कर लगाएगा।

कार्टोसैट-3 अपनी सीरीज का नौवां सैटेलाइट है और इसका कैमरा इतना ताकतवर है कि वह अंतरिक्ष में 509 किलोमीटर की ऊंचाई से जमीन पर 9.84 इंच की ऊंचाई पर स्पष्ट तस्वीर ले सकेगा। यानी आपकी कलाई पर बंधी घड़ी पर दिख रहे समय की सटीक जानकारी दे सकेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि कार्टोसैट-3 इतना ताकतवर है कि इतनी सटीकता वाला सैटेलाइट कैमरा किसी देश ने लॉन्च नहीं किया। सिर्फ अमेरिका की निजी स्पेस कंपनी डिजिटल ग्लोब का जियोआई-1 सैटेलाइट ही 16.14 इंच की ऊंचाई तक की तस्वीरें ले सकता है।

Website Design By Mytesta +91 8809666000

Check Also

काशीपुर :सफाई कर्मियों के धरने को राज्यमंत्री ने “नौटंकी” करार दिया, सफाई कर्मी ठेका प्रथा का कर रहे थे विरोध, देखिए वीडियो

🔊 Listen to this काशीपुर । सफाई कर्मचारियों की ठेका प्रथा का विरोध कर रहे …